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अरबों रुपए की सरकारी जमीन से भू-माफिया को खदेड़ने भोपाल तक लड़कर पाई सफलता

शहर का टीवी टॉवर रोड, इस इलाके में स्थित है जिले का सबसे आधुनिक पार्क। चहुंओर हरियाली देखकर यहां आने वाला हर शख्स...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 04:50 AM IST

अरबों रुपए की सरकारी जमीन से भू-माफिया को खदेड़ने भोपाल तक लड़कर पाई सफलता
शहर का टीवी टॉवर रोड, इस इलाके में स्थित है जिले का सबसे आधुनिक पार्क। चहुंओर हरियाली देखकर यहां आने वाला हर शख्स भौचक रह जाता है फिर चाहे आमजन हो या कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया व अन्य विधायक। क्योंकि यहां की छटा निराली है। जितना खूबसूरत यह पार्क है, उससे भी कठिन इसके विकास की कहानी है। लगभग 10.50 बीघा सरकारी जमीन पर बने इस पार्क की जमीन पर 4 साल पहले भू-माफिया का कब्जा था। कॉलोनी के चार युवाओं ने नगरपालिका, जिला प्रशासन में कई बार शिकायतें की लेकिन कोई सुनवाई हुई। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। चारों युवा एकत्रित होकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मिलने भोपाल पहुंच गए। सीएम ने उनकी बात को गंभीरता से सुना और फिर फोन से ही तत्कालीन कलेक्टर जोन किंग्सले को तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। सीएम हाउस से फोन आते ही पूरी सरकारी मशीनरी हरकत में आ गई और 2 घंटे में भू-माफिया को खदेड़ दिया गया। आगे का काम इन युवाओं की पहल पर स्थानीय जनता ने यहां 50 लाख रुपए एकत्रित कर पार्क विकसित करके पूरा कर दिया।

चार युवा एकजुट हुए तो दो घंटे में हटाना पड़ा 10.50 बीघा सरकारी जमीन से कब्जा, आज यह है जिले काआधुनिक पार्क

यह हैं रियल हीरो..

अशोक अग्रवाल

भूपेंद्र भटनागर

पंकज शर्मा

अरुण श्रीवास्तव

खाली जगह पर फिर न हो जाए कब्जा, इसलिए बना दिया पार्क

बेशकीमती जमीन खाली होने के बाद यह जगह फिर से अतिक्रमणकारियों के कब्जे में न आए इसलिए नपा ने कहा कि जगह तो मुक्त हो गई अब आप यहां क्या करेंगे। युवा बोले कि हम पार्क बनाएंगे और उसकी देखरेख भी करेंगे। बस इसके बाद नगरपालिका ने पहले बाउंड्री और फिर इसकी ग्रीनरी पर पैसा खर्च किया तो कॉलोनीवासियों की तो मन की मुराद पूरी हो गई और यहां हराभरा पार्क विकसित हो गया।

हरा-भरा पटेल पार्क।

झरनों से सहेजेंगे बारिश का पानी: जिले के सबसे आधुनिक पार्क में अब बारिश का पानी सहेजने की पहल स्थानीय लोगों ने की है। इसके लिए सूखे कुएं पर एक प्राकृतिक झरना बनाया गया है जिसमें कनेक्शन ऐसे रखे गए है ताकि इस झरने से निकलने वाला पानी व्यर्थ न बहे और वह सीधे कुएं में ही पहुंचे और इसके साथ यहां बन रहे मटका फव्वारा और एक अन्य निर्माणाधीन फांउटेन को भी कुएं से जोड़ने का उपक्रम किया जा रहा है। इससे पानी बहने के बजाय कुएं में जमा होगा।

ऐसा है पार्क का नजारा

पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए सेव ट्री का स्टेच्यू बनाया गया है।

पार्क में बने चिड़ियाघर में पैरबाज, सफेद कबूतर, मटक्कली, लाल कबूतर जैसे कई तरह के कबूतर हैं।

गागरौनी तोता, टुंइयां तोता, ऑस्ट्रेलियन तोते की प्रजाति के साथ 24 लर्व वर्ड यहां आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

सीता माता के साथ राक्षसी त्रिजटा का मिट्टी से आकार बनाया गया है।

अशोक वाटिका में मयूर जोड़े के साथ जानवरों के चित्र मिट्टी से बनाए गए हैं।

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