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आरएमपी का कारनामा न इलाज का डिग्री-डिप्लोमा था न अनुभव फिर भी 7 साल के बच्चे का कर दिया ऑपरेशन

जिला अस्पताल में पेटदर्द की शिकायत लेकर आए एक साल के बच्चे की जब पेशाब की थैली खोली तो उसमें कॉटन के टुकड़े देखकर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 02, 2018, 05:35 AM IST

आरएमपी का कारनामा 
न इलाज का डिग्री-डिप्लोमा था न अनुभव फिर भी 7 साल के बच्चे का कर दिया ऑपरेशन
जिला अस्पताल में पेटदर्द की शिकायत लेकर आए एक साल के बच्चे की जब पेशाब की थैली खोली तो उसमें कॉटन के टुकड़े देखकर डॉक्टर दंग रह गए। डॉक्टरों को बच्चे के परिजन ने बताया कि एक साल पहले उसकेे पेट में दर्द हुआ था, तब एक आरएमपी ने अपनी क्लीनिक में ही पथरी का ऑपरेशन कर दिया था। बकौल डॉक्टर, संभवत: आरएमपी ने पेट के अंदर ही यह कॉटन का टुकड़ा छोड़ दिया होगा, जो पेशाब नली में फंस गया।

लीला आदिवासी निवासी अचरौनी के नाती जितेंद्र पुत्र भूपेंद्र आदिवासी (7) केे पेट में एक महीने से रुक-रुककर दर्द हो रहा था। बुधवार को लीला ग्रामीणों के साथ जितेंद्र को जिला अस्पताल में लेकर पहुंची। डॉक्टरों ने उसका चेकअप करने के बाद गुरुवार को ऑपरेशन करने के लिए बोला। जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. पीके खरे ने जब जितेंद्र के पेशाब की थैली (पेंट्रियाज) खोली तो उसमें कॉटन के टुकड़े फंसे थे। जिन्हें डॉक्टर्स ने निकाल दिया।

आरएमपी ने पथरी के ऑपरेशन में बच्चे के पेट में छोड़ दी कॉटन, दर्द हुआ तो बोला-सूजन है दवा से ठीक हो जाएगी

पेशाब की थैली में फंसे थे कॉटन के टुकड़े, अब स्वस्थ है बच्चा

अस्पताल में भर्ती जितेंद्र आदिवासी।

झोलाछाप डॉक्टर ने 5 हजार रुपए में कर दिया पथरी का अॉपरेशन

जब डॉक्टरों ने इस संबंध में लीला से पूछा तो लीला ने बताया कि एक साल पहले जितेंद्र के पेट में दर्द हुआ था। उस वक्त हम लोग उसे अशोकनगर जिले के ईसागढ़ में एक आरएमपी डॉक्टर केे पास ले गए थे। डॉक्टर ने कहा था कि-इसके पेट में पथरी है ऑपरेशन करके निकलवानी होगी। बकौल लीला उस वक्त आरएमपी डॉक्टर ने हमसे पथरी के ऑपरेशन के एवज में 5 हजार रुपए मांगे। हमने रुपए एकत्रित कर उसे दे दिए। आरएमपी डॉक्टर ने अपने क्लीनिक में ही जितेंद्र की पथरी का ऑपरेशन किया था। बकौल डॉक्टर संभवत: उसी वक्त आरएमपी डॉक्टर ने कॉटन को पेट के अंदर छोड़ दिया गया होगा, जो पेशाब की थैली में पहुंच गई।

दर्द हुआ तो 10 दिन की दवा देकर घर भेज दिया

आरएमपी डॉक्टर किस कदर गरीब व अनपढ़ लोगों की जान से खेलते हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिना डिग्री-डिप्लोमा व अनुभव के इलाज तो छोड़िए वे पेट की चीरफाड़ तक कर देते हैं। जितेंद्र की दादी लीला ने बताया कि-ऑपरेशन के एक महीने बाद जब जितेंद्र के पेट में दोबारा दर्द हुआ तो आरएमपी ने हमसे कह दिया था कि-ऑपरेशन की वजह से सूजन है आप 10 दिन की दवा ले जाकर खिलाओ, सब ठीक हो जाएगा।

बच्चे की पेशाब की थैली में मिली पट्‌टी और कॉटन

बच्चे के पेट में मुझे भी पथरी की आशंका थी, लेकिन जैसे ही उसकी पेशाब की थैली को खोला उसमें पट्‌टी-कॉटन के टुकड़े निकले। इसके बाद हमने उसे निकाल दिया। हमने बच्चे के परिजन से पूछा तो उन्होंने बताया कि-एक साल पहले उन्होंने ईसागढ़ के आरएमपी के यहां पथरी का ऑपरेशन कराया था। फिलहाल बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है। डॉ. पीके खरे, सर्जन जिला अस्पताल

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Web Title: आरएमपी का कारनामा न इलाज का डिग्री-डिप्लोमा था न अनुभव फिर भी 7 साल के बच्चे का कर दिया ऑपरेशन
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