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घरेलू हिंसा पीड़ित महिलाआें को कानूनी सलाह के लिए रुकना पड़ा तो पांच दिन का खाना-पानी मिलेगा मुफ्त

अब घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की समस्याएं एक ही जगह सुनी जा सकेंगी। वन स्टॉप योजना की शुरुआत गुरुवार को प्रदेश...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 06:30 AM IST
अब घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की समस्याएं एक ही जगह सुनी जा सकेंगी। वन स्टॉप योजना की शुरुआत गुरुवार को प्रदेश की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने आंगनवाड़ी प्रशिक्षण केंद्र पर की। इसमें कांउसलर, लीगल एडवाइज, मेड़ीकल हेल्प के लिए पीड़ित महिलाओं को अब विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। अब यहां नियुक्त अधिकारी एक ही जगह समस्या सुनेंगे और पीड़िता को यदि रुकना पड़ा तो पांच दिन तक उसका खाना-पीना और रहना आश्रय स्थल में मुफ्त रहेगा। योजना क्रियान्वयन के लिए यहां पहले चरण में 21 लाख का बजट भी केंद्र शासन से स्वीकृत हुआ है।

वन स्टाॅप योजना के तहत घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला को एक ही जगह न्याय मिले वह किसी भी तरह से परेशानी का सामना न करें और कभी वक्त जरुरत ऐसी आ जाए कि उसे घर में रहना मुश्किल हो तो वह आश्रय स्थल पर रहकर न्याय और सहायता पा सकती है। गुरुवार सुबह प्रदेश की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने इस केंद्र का उदघाटन कर इसका निरीक्षण किया और योजना के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी ली।

महिला बाल विकास अधिकारी ओपी पांडेय के साथ परिवार परामर्श केंद्र की महिलाओं ने यहां बताया कि वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए लीगल एडवाइज मिलेगी, जिसके लिए वकीलों का एक दल गठित किया गया है। यह महिलाओं की मदद आश्रय स्थल पर ही करेगा। इसी तरह पीड़ित महिलाओं की कांउसिलिंग भी की जाएगी। इसमें उनको काउंसलरों द्वारा बताया जाएगा कि किस तरह वह आगे अपना पक्ष रख सकती हैं। इस दौरान महिलाओं को यदि कोई शारीरिक चोट है तो वह डॉक्टर से यहीं परामर्श लेकर उपचार करवा सकेंगी। महिलाओं को पुलिस के पास जाने की जरुरत नहीं रहेगी, पुलिस यहां खुद आकर पीड़ित की शिकायत लेगी।

योजना

खेल मंत्री यशोधरा राजे ने किया वन स्टॉप सेंटर योजना का शुभारंभ

योजना का शुभारंभ करतीं खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया।

पति या परिवार ने छोड़ा तो मिलेगा 5 दिन का आसरा

महिला उत्पीड़न के मामलों में पति यदि प|ी को छोड़ देता है या फिर परिवार के लोगों द्वारा उसे निकाल दिया जाता है तो फिर इस केंद्र पर बने आश्रय स्थल में 5 दिन तक वह रहकर अपनी शिकायत कर सकती है। जहां उसे निराकरण मिलेगा।

अब डरने की जरूरत नहीं