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सिंधिया से नजदीकी दिखाने सोशल मीडिया पर वायरल किए इस्तीफे, बचने के लिए फोन पर जिलाध्यक्ष से बोले- फर्जी हैं
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होते ही जिले के दर्जनभर कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर सिंधिया के समर्थन में इस्तीफा डाल दिए थे। इनमें से कुछ लोगों को जिला कांग्रेस कमेटी से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया गया। जबकि कुछ नेता बच गए हैं। जाे कार्रवाई से बच गए हैं, उन नेताअाें ने जिलाध्यक्ष नाहर सिंह यादव को फोन लगाकर कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हाे रहे इस्तीफे उन्होंने नहीं डाले हैं। किसी ने फर्जी इस्तीफा डाल दिए हैं। इस सफाई पर यह लोग बच गए हैं। बड़ा सवाल यह है कि किसी की आईडी पर कोई कैसे फर्जी इस्तीफा डाल सकता है। दूसरा अगर फर्जी आईडी है तो इन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज क्यों नहीं कराई।
जैसे ही श्री सिंधिया ने भाजपा का दामन थामा सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में कांग्रेसियों ने इस्तीफा डालना शुरू कर श्री सिंधिया में अपनी आस्था जताना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर सुनील तिवारी, अशोक दांगी बगदा, रेवेन्द्र सिंह (गिन्नीराजा), चंद्रभूषण पटैरिया, सिल्लन साहू, महेश गुलवानी, अन्नू पठान, अन्नू भारती, हरिओम त्रिपाठी, अनूप पाठक, ठाकुरदास खैमरिया आदि के इस्तीफा वायरल होने लगे। किसी ने वाट्स एप पर तो किसी ने फेसबुक कर इस्तीफा पोस्ट किए। शुक्रवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष नाहर सिंह यादव ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई की। श्री यादव के अनुसार कुछ लोगों ने उन्हें फोन पर बताया कि सोशल मीडिया पर उन्होंने इस्तीफा नहीं डाले। वह कांग्रेस के निष्ठावान सदस्य है। कांग्रेस के सच्चे सिपाही है। श्री यादव ने पार्टी के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों से कहा कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह या बहकावे में न आएं।
इन्हें किया बर्खास्त-
इन्होंने कहा निष्ठावान कार्यकर्ता-
जिलाध्यक्ष यादव ने सोशल मीडिया पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में सुनील तिवारी, अशोक दांगी बगदा, रेवेन्द्र सिंह (गिन्नीराजा), चंद्रभूषण पटैरिया, सिल्लन साहू को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया।
जबकि सोशल मीडिया पर इस्तीफा वायरल हो जाने के बाद महेश गुलवानी, अन्नू पठान, अन्नू भारती, हरिओम त्रिपाठी, अनूप पाठक, ठाकुरदास खैमरिया ने कहा कि उन्होंने यह इस्तीफा नहीं दिया। किसी नेता ने फर्जी डाल दिया। इन पर पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की।