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बजरी धोकर तालाब कर रहे हैं खाली

एक वर्ष पहले
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कोटवार ने एक माह पूर्व दी थी तहसीलदार को सूचना

अनुविभाग अंचल क्षेत्र के तालाबों के आस-पास अवैध रेत उत्खनन कर धुलाई का कार्य जोरों पर चल रहा है प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई करने की हिम्मत तक नहीं कर रहे हंै। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत वीरपुर के तालाब किनारे इन दिनों रेत का अवैध उत्खनन कर दर्जनों डीजल पंप रखकर धुलाई की जा रही है। इससे ग्रामीणों को जल का संकट बना हुआ है। ग्रामीण रमेश परिहार, सुरेश परिहार, धनीराम पाल, उमेश रजक आदि ने बताया कि ग्राम में एकमात्र तालाब है जहां हमारे ग्राम के जानवर पानी पीते हंै। रेत माफिया द्वारा चार माह से यहां धुलाई की जा रही है। इससे तालाब का पानी कम हो गया है। तालाब के आस-पास दलदल बन गया है। इसमें आए दिन हमारे जानवर धंस जाते हैं। प्रशासन को जानकारी होने के बाद भी रेत माफिया के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाती।

वीरपुर तालाब के पास पानी पीने आया बैल सुबह दल-दल में फंस गया। सूचना पुलिस को दी गई पुलिस ने मौके पर जाकर ग्रामीणों के सहयोग से बैल को बाहर निकाला।

डीजल पंप के जरिए 100 रुपए में कर रहे हैं धुलाई

ग्राम वीरपुर तालाब में वर्तमान में लगभग एक दर्जन से अधिक डीजल पंप के जरिए रेत की धुलाई का काम चल रहा है। इसमें पूर्व सरपंच सहित देवेंद्र, धनीराम आदिवासी, शिक्षक भगवा आदि पंप से धुलाई कर रहे हैं।

मैं अभी अवकाश पर हूं

दिनेश चौरसिया, तहसीलदार पिछोर
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