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थानेदार शिकायत नहीं सुने तो महिलाएं सीधे न्यायालय को लिख सकती हैं पत्र: सक्सेना

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 03:47 AM IST

Shivpuri News - महिलाएं व बच्चियां अपने आप को असुरक्षित महसूस न करें। अगर महिला की कोई थानेदार नहीं सुनता है तो सीधे न्यायालय में...

Krera News - mp news women can write directly to the court if they do not listen to the police complaint saxena
महिलाएं व बच्चियां अपने आप को असुरक्षित महसूस न करें। अगर महिला की कोई थानेदार नहीं सुनता है तो सीधे न्यायालय में चिट्‌ठी लिख सकती हैं। उस पर कार्रवाई की जाएगी। यह बात न्यायाधीश अतुल सक्सेना ने विधिक साक्षरता शिविर काे संबाेधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि अखबार में छोटी-छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार की खबरें सुनता हूं तो दिल दु:खी हो जाता है।

इसलिए ऐसे गलत कार्य करने वाले अपराधी के लिए समाज को कोई अफसोस करने की जरूरत नहीं, बल्कि उसे सजा दिलाने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। कार्यक्रम को एडवोकेट अशोक जैन, युगलकिशोर शर्मा ने भी सं‍बोधित किया। शिविर में मौजूद लोगों को शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में संजय विलैया, पंकज गुप्ता‍, शशिकुमार द्विवेदी, नीरजसिंह बघेल, अरविंद साहू, नरेंद्र लोधी, राहुल कुमार जोशी, प्रीति जोशी, राजकुमार बाथम एवं आजीविका मिशन की सैकड़ों की संख्या में महिलाएं मौजूद थी।

महिलाओं को शिकायत करने के लिए कई फोरम

विशिष्ट अतिथि परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास प्रियंका बुनकर ने महिलाओं को उनके अधिकार बताते हुए कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना होगा जबकि महिलाओं के लिए शासन द्वारा कई फोरम शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रदान किए गए हैं। जिसमें महिला थाने, महिला सशक्तिकरण विभाग, महिला हेल्प लाइन डेस्क, सहित अन्य कई फोरम हैं जिन पर पहुंचकर महिलाएं अपने साथ हुई किसी भी घटना की शिकायत दर्ज करा सकती हैं। सिर्फ महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी हो, इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों को दुरुपयोग भी नहीं करना चाहिए।

िन:स्वार्थ भाव से बिना किसी भेदभाव के महिलाओं को जोड़ें

एसडीएम उदय सिंह सिकरवार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्वय सहायता समूहों से जुड़कर आत्म निर्भर बनी महिलाएं अपने साथ अन्य महिलाओं को भी नि:स्वार्थ भाव से बिना किसी भेद भाव के साथ में जोड़े जिससे गरीब व जरूरत मंद महिलाएं भी आप की तरह आत्म निर्भर हो सके। ध्यान रहे कि जरूरत मंद महिलाओं को खोज व पहचान कर अपने साथ जोड़ने का कार्य करे तो तरक्की संभव है।

समूहों से 10 हजार महिलाएं बनीं आत्म निर्भर

आजीविका मिशन के सुमित गुप्‍ता ने बताया की में क्षेत्र में 848 महिलाओं के स्व सहायता समूह बनाए गए हैं जो नियमित रूप से संचालित हैं। इस समूहों से जुड़कर 10 हजार 48 महिलाएं आत्म निर्भर हुई हैं जो क्षेत्र के शासकीय व अशासकीय स्कूलों की गणवेश सिलाई, साबुन बनाना, अगरबत्ती निर्माण, बड़ी पापड़ बनाना के अलावा नेपकिन आदि तैयार कर लधु व सीमांत धंधे संचालित कर आत्म निर्भर बनी हुई हैं। मप्र डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन करैरा के प्रागंण में एडीजे अतुल सक्सैना के मुख्य आतिथ्य एवं उदयसिंह सिकरवार एसडीएम, विशिष्ट अतिथि परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास प्रियंका बुनकर की अधयक्षता में विधिक शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में एडीजे अतुल सक्सेना एवं अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की पूजा एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में मप्र डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रबंधक सुमित गुप्ता द्वारा अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।

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