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108 एंबुलेंस खराब, दूसरे थाने से भेजा वाहन भी कई बार बंद होने के बाद पहुंचाता है अस्पताल

40 किमी के एरिया में दुर्घटना पर हाेती है दिक्कत शुजालपुर से 20 किमी दूर से वाहन आने से घायलों को करना पड़ता है इंतजार...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 08, 2018, 03:35 AM IST

40 किमी के एरिया में दुर्घटना पर हाेती है दिक्कत शुजालपुर से 20 किमी दूर से वाहन आने से घायलों को करना पड़ता है इंतजार

भास्कर संवाददाता | शुजालपुर

दुर्घटना व आपात स्थिति में मदद के लिए थाना क्षेत्रवार तैनात की गई 108 एम्बुलेंस की गाड़ी इन दिनों शुजालपुर में खराब होने के बाद इस 40 किमी क्षेत्र में दुर्घटना होने पर 20 किमी दूर से अन्य वैकल्पिक वाहन भेजा जा रहा है। अन्यत्र से आने वाले वाहन भी खस्ता हालत होने से रास्ते में कई बार बंद होने के बाद मरीज को अस्पताल तक लेकर पहुंचता है।

सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल की तत्काल मदद व अन्य आपात हालत में समय पर उपचार सुलभ कराने 108 वाहन सुविधा है। सुविधा से सैकड़ों लोगों को हर महीने समय पर उपचार मिल रहा है। हर थाना क्षेत्र में न्यूनतम एक वाहन तैनात है। शुजालपुर से पचोर, अकोदिया, कालापीपल व आष्टा तक मुख्य मार्ग पर भारी आवागमन से आए दिन दुर्घटना के मामले घटित होते है। इस हालत में 40 किमी तक आपात स्थिति में हर समय घायलों को सेवा देने के लिए शुजालपुर तहसील मुख्यालय पर एक मात्र वाहन सुलभ है। ये एक वाहन भी बीते कई दिनों से नियमित संधारण के अभाव में खराब होकर मरम्मत के लिए भेजा है। बीते 3 दिन से शुजालपुर व आसपास के इलाके में वाहन की आवश्यकता पड़ने पर कालापीपल का वाहन 20 किमी दूर से भेजा जाता है। कई बार यहां का वाहन भी अन्यत्र व्यस्त होने पर शुजालपुर इलाके के लोगों को इस सेवा का लाभ नहीं मिल पाता। असुविधा यहीं खत्म नहीं होती, बल्कि कालापीपल थाना के लिए तैनात वाहन भी मरम्मत के अभाव में शुजालपुर भेजे जाने पर मरीज को ले जाते समय बार-बार बंद होता है। 3 दिन पूर्व सिर में गंभीर चोट आने पर घायल सतीश पाटीदार को अस्पताल ले जाते समय कालापीपल का वाहन रास्ते में 3 बार बंद हुआ। वाहन चालक की सूझ-बूझ व तात्कालिक मरम्मत से मरीज को उसी वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया।

शुजालपुर थाना क्षेत्र पर तैनात एक मात्र वाहन तलेन-इकलेरा से लेकर पोलायकलां, अरनियाकलां तक अपनी सेवा देता है। शुजालपुर के बाहर प्रतिदिन औसतन 12 से 15 कॉल आते हैं। इस दौरान वाहन की खस्ताहाल सेवा एम्बुलेंस के चालक व प्राथमिक चिकित्सा देने वाले प्रशिक्षित चिकित्सक को भी घटना स्थल पर लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ता है। दुर्घटना की स्थिति में वाहन देर से पहुंचने पर कई बार स्टाफ भी जनाक्रोश की वजह से घटनास्थल पर खुद को असुरक्षित महसूस करता है। इस बारे में 108 वाहन सेवा के जिला इंचार्ज गगन शर्मा ने बताया कि शुजालपुर का वाहन तकनीकी सुधार के लिए भेजा गया है, जो जल्दी सुधार उपरांत वापस सुचारू सेवा देने लगेगा।

रैफर सिस्टम भी तात्कालिक सेवा को कर रहा प्रभावित

शुजालपुर में मंडी व सिटी इलाके में अलग-अलग सिविल अस्पताल है। घटना की स्थिति में घायल को लेकर वाहन सबसे पहले सिविल अस्पताल सिटी जाता है, लेकिन इन दिनों सिटी के अस्पताल में कोई सर्जन पदस्थ न होने से यहां से मरीज को मंडी सिविल अस्पताल रैैफर कर दिया जाता है। मंडी अस्पताल में भी रोगी को उपचार देने के बजाए पुलिस एमएलसी कराने के लिए पहले सिटी ले जाने की सलाह दी जाती है। इस हालत में समय पर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद भी मरीज को चिकित्सक के रुख की वजह से उपचार नहीं मिल पाता। शुक्रवार को भादाहेड़ी से से जली हुई अवस्था में सिटी अस्पताल भेजी गई विवाहिता को मंडी सिविल अस्पताल भेजा गया। यहां भी महिला को पुलिस एमएलसी न होने की वजह से उपचार समय पर नहीं मिला। बाद में मीडिया के पहुंचने पर पुलिस को बुला कर कागजी खाना पूर्ति कराने के बाद उसे इलाज दिया गया। इस बारे में सिविल अस्पताल सिटी के प्रभारी के.के. जैन ने कहा कि व्यवस्था में सुधार के प्रयास चल रहे है। जल्द ही सुधार करा दिया जाएगा।

कालापीपल जाने वाला वैकल्पिक वाहन भी रास्ते में हो जाता है बंद।

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