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दो साल से टारगेट अधूरे, मलेरिया मरीज ढूंढने के लिए सालभर में 1.37 लाख से ज्यादा स्लाइड बनाना पड़ेगी

Dainik Bhaskar

Feb 20, 2018, 05:15 AM IST

Shujalpur News - स्लाइड बनाने के लिए अमला बहुत कम, इस बार भी बिगड़ेगी स्थिति भास्कर संवाददाता | शाजापुर जिले में मलेरिया की...

दो साल से टारगेट अधूरे, मलेरिया मरीज ढूंढने के लिए सालभर में 1.37 लाख से ज्यादा स्लाइड बनाना पड़ेगी
स्लाइड बनाने के लिए अमला बहुत कम, इस बार भी बिगड़ेगी स्थिति

भास्कर संवाददाता | शाजापुर

जिले में मलेरिया की रोकथाम के लिए जनवरी माह से नए टारगेट पर फिर कवायद शुरू हुई है। जिला मलेरिया विभाग को शासन से बीते दो साल में रक्त पट्टिकाएं बनाने मिले टारगेट पहले ही अधूरे रहे गए, वहीं अब बोझ और बढ़ गया। इस साल जिले में रोगी खोजने के लिए साल के 365 दिनों में कुल 1 लाख 37 हजार 635 ब्लड स्लाइड बनाना पड़ेगी। बीते दो साल में लक्ष्य अधूरा रहने से जिले में 243 लोगों को ही मलेरिया होना सामने आया है। इस साल यदि शासन से मिला स्लाइडें बनाने का टारगेट पूरा होगा तो ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि मच्छरों के कारण इस बीमारी के कितने शिकार हुए हैं। विभाग ने बढ़ा हुआ टारगेट मिलते ही जनवरी से ही सख्ती के साथ चारों ब्लॉक में फोकस रखना शुरू कर दिया। इसका असर यह जरूर रहा कि एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं व एमपीडब्ल्यू के जरिए 1 से 15 जनवरी तक 3424 रक्त पट्टिकाएं जांच के लिए बनी।

जिन्हें करना है काम, उनकी संख्या ही कम- रक्त पट्टिकाएं बनाने का काम जिन्हें करना है, उनकी संख्या ही जिले में बहुत कम है। ऐसे में इस साल भी टारगेट पूरा होता नजर नहीं आ रहा। सीएमएचओ कार्यालय प्रबंधन के मुताबिक जिले में एएनएम के 103 पद में से सिर्फ 68 भरे हैं, बाकी खाली। एमपीडब्ल्यू के 103 में से 30 पद ही भरे हैं, बाकी खाली। जबकि आशा कार्यकर्ता भी मात्र 645 हैं। मलेरिया विभाग दो साल तक प्रभारी के भरोसे चलना भी टारगेट से पिछड़ने का कारण रहा।

दो साल में ये स्थिति, अब बोझ एेसे बढ़ा

जिला मलेरिया विभाग के अनुसार 2016 में जिले को मिले 1 लाख 28 हजार 44 टारगेट के विरुद्ध 1 लाख 10 हजार 675 स्लाइड ही बनी। इस साल 137 मरीज सामने आए। 2017 में यही टारगेट 1 लाख 30 हजार 385 था, जिसके विरुद्ध इस साल 1 लाख 18 हजार 729 स्लाइड ही बनी। 106 पॉजीटिव केस निकले। अब वर्ष 2018 के लिए शासन ने जिले को मलेरिया रोगियों की स्थिति ज्ञात करने 1 लाख 37 हजार 635 रक्त पट्टिकाएं बनाने लक्ष्य दे दिया।

किस ब्लॉक में कितनी ब्लड स्लाइड बनना है

ब्लॉक टारगेट

कालापीपल 29138

पोलाय+शुजालपुर 33570

बेरछा+शाजापुर 42984

मो. बड़ोदिया 31943

(स्राेत: जिला मलेरिया विभाग)

टारगेट के लिए जनवरी से कोशिश शुरू कर दी है


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