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नेहरू कॉलेज अग्रणी बना, शाजापुर का दबाव कम, 4 हजार विद्यार्थियों को सुविधा

16 अगस्त-2013 को आगर-मालवा अलग जिला बनने के करीब 4 साल बाद अब उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी शाजापुर व आगर-मालवा जिले...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 05, 2018, 05:30 AM IST

16 अगस्त-2013 को आगर-मालवा अलग जिला बनने के करीब 4 साल बाद अब उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी शाजापुर व आगर-मालवा जिले अलग-अलग हो गए हैं। उच्च शिक्षा मंत्रालय भोपाल से शनिवार को पत्र जारी कर शासन ने आगर के शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय को आगर-मालवा जिले का अग्रणी घोषित कर दिया है। इस जिले के सभी सरकारी-निजी कॉलेज अब इसी कॉलेज के क्षेत्रांतर्गत काम करेंगे। यहां के करीब 4 हजार छात्र-छात्राओं को भी लीड कॉलेज से जुड़े काम निपटाने समय व धन खर्च कर 50 किमी दूर शाजापुर मुख्यालय नहीं आना-जाना पड़ेगा। इधर, आगर-मालवा जिले में अपना लीड कॉलेज बन जाने से शाजापुर मुख्यालय स्थित पं. बालकृष्ण शर्मा नवीन शासकीय स्नातकोत्तर लीड कॉलेज का कामकाज से जुड़ा अतिरिक्त बाेझ भी कम हो जाएगा। जिससे यहां भी विभागीय काम समय पर सुचारू तरीके से हो सकेंगे।

शाजापुर में 11 कॉलेज

आगर का अग्रणी कॉलेज अलग बनने के बाद शाजापुर जिले के पाले में कुल 11 सरकारी-निजी कॉलेज आ रहे हैं। शाजापुर का लीड, गर्ल्स एवं लॉ सहित मक्सी, मोहन बड़ोदिया, पोलायकलां, शुजालपुर व कालापीपल के सरकारी कॉलेज तथा शाजापुर, शुजालपुर व अकोदिया के एक-एक निजी कॉलेज इनमें शामिल हैं। इन सभी को मिलाकर विद्यार्थी संख्या करीब 6 हजार है।

दोनों जिलों को यह सुविधा

दोनों जिलों के अग्रणी कॉलेज प्रबंधनों को अब अपने-अपने जिले के सरकारी-निजी कॉलेज संचालन, जांच, विधानसभा प्रश्नों के उत्तर, वीसी, मासिक जानकारी से लेकर उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं के काम निपटाने में आसानी होगी। आगर-मालवा जिले के कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को स्मार्ट फोन अपने जिले से मिल सकेंगे। प्रतियोगी परीक्षा के लिए सत्यापन आदि काम भी वहीं हो जाएंगे।

भास्कर ने उठाया था मुद्दा

आगर जिला अलग बनने के बाद भी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दोनों जिलों का एक होने से आ रही परेशानी को भास्कर ने प्रमुखता से उठाया था। 30 दिसंबर-17 को दो जिले, जिम्मेदारी एक पर...इसलिए बढ़ा शाजापुर का लोड शीर्षक से खबर प्रकाशित मामले से संभागीय अधिकारी को भी अवगत कराया था। शाजापुर लीड कॉलेज प्रभारी प्राचार्य ने भी इस मसले में लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से पत्राचार व मौखिक चर्चा की।

अग्रणी की जिम्मेदारी मिली है, मिलकर निभाएंगे- आगर कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य डॉ. पूर्णिमा गौड़ ने बताया शासन ने आदेश पत्र जारी कर हमारी संस्था को आगर-मालवा जिले का अग्रणी घोषित किया है। जिले के हमारे क्षेत्र से जुड़े कॉलेजों के कामकाज की जो जिम्मेदारी मिली है, उसे सभी मिलकर निभाएंगे। अति शीघ्र स्टाफ के साथ बैठक कर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

दोनों जिलों में सुचारू होंगे काम-

शाजापुर लीड कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. वीके शर्मा बताते हैं आगर के नेहरू कॉलेज को आगर जिले का अग्रणी घोषित करने संबंधी जानकारी हमारे पास भी शासन स्तर से आ चुकी है। इससे छात्रों व कॉलेज प्रबंधनों को राहत मिलेगी। दोनों जिलों के विभागीय व शैक्षणिक काम सुचारू तरीके से व समय पर हो सकेंगे।

चार साल बाद उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अलग-अलग हुए जिले, 4 हजार विद्यार्थियों को 50 किमी दूर शाजापुर नहीं आना पड़ेगा

आगर जिले के दायरे में अब ये कॉलेज

शासन की इस घोषणा के बाद आगर जिले के दायरे में कुल चार सरकारी-निजी कॉलेज आ जाएंगे। इनमें खुद आगर का अग्रणी नेहरु कॉलेज, सुसनेर व नलखेड़ा के शासकीय कॉलेजों सहित नलखेड़ा का एक निजी कॉलेज शामिल है। इन सभी को मिलाकर यूजी-पीजी में छात्र संख्या करीब 4 हजार है।

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