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लुटेरी दुल्हन... भोपाल में मार्केटिंग करती थी, कमाई कम लगी तो करने लगी शादियां, रिश्ते के लिए धर्म तक बदला

भास्कर संवाददाता | शुजालपुर वेजिटेबल कटर बेचने की मार्केटिंग में कमाई कम लगी तो 26 साल की यास्मिन खान ने लुटेरी...

Danik Bhaskar | Feb 17, 2018, 05:40 AM IST
भास्कर संवाददाता | शुजालपुर

वेजिटेबल कटर बेचने की मार्केटिंग में कमाई कम लगी तो 26 साल की यास्मिन खान ने लुटेरी दुल्हन बन महज 5 हजार के लालच में झूठी शादी रचाने व चंद दिन बाद फरार हो रुपए कमाने का धंधा शुरू कर दिया। यह खुलासा अकोदिया पुलिस के सामने मीडिया से बातचीत में लुटेरी दुल्हन बन पेवची के युवक से ठगी करने वाली युवती ने शुक्रवार को किया। शादी के लिए वह खुद को हिंदू धर्म का बताने के लिए नाम माही बताती थी।

पुलिस के अनुसार ग्राम पेवची निवासी धनपाल जैन ने 32 साल की उम्र तक शादी न होने पर कई लोगों को संबंध कराने का आग्रह किया था। इसी दौरान सलसलाई थानांतर्गत ग्राम बमोरी के निवासी व लोगों के संबंध कराने का दावा करने वाले मोहनलाल नट से बातचीत हुई।

लालच में भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले गिरोह की पूरी कहानी... कैसे नकली दुल्हन बनाई, नकली रिश्ते जोड़े...और असली दिल तोड़े

नकली पंडित... इसी के जरिये लड़की दिखाई

मोहन ने 13 जनवरी को धनपाल के भाई सेजमल को फोन कर लड़की दिखाने के बहाने उज्जैन के पास नरवर में बुलाया। यहां दोनों भाइयों को जो लड़की दिखाई, वह पसंद नहीं आने पर उसने इनकार कर दिया। इसके बाद मोहन ने और भी रिश्ते बताने की बात करते हुए देवास जिले के ग्राम गढ़ खजुरिया निवासी एक पैर से अपाहिज बाबूलाल योगी को पंडित बताते हुए दोनों भाइयो के सामने संपर्क किया।

चाची

नकली चाचा-चाची... लड़की दिखाई

बाबूलाल ने लड़की के लिए बैरसिया निवासी राजेंद्र से बात की। अगले दिन लड़की का फोटो जैन परिवार को वाट्सएप किया। फिर उसी शाम लड़की, नकली चाचा-चाची और भाई ग्राम पेवची जैन परिवार के घर पहुंचे। यहां डेढ़ लाख रु. में बात तय हुई और लड़की ने नकली चाचा-चाची को गांव से रवाना कर दिया।

शादी के बाद डेढ़ लाख रुपए मोहनलाल नट ने दलाली के रूप में लिए और चला गया। शादी के बाद दो दिन दुल्हन रही। 19 जनवरी रात 1 बजे दरवाजे की कुंडी लगाकर वह फरार हो गई।

दुल्हन

पंडित

नकली भाई... इसी ने लिखा-पढ़ी करवाई

नकली भाई व दलाली कर रहे मोहन के साथ शादी के पहले ही ससुराल में दुल्हन रुक गई। 16 जनवरी को शुजालपुर न्यायालय में कम्प्यूटर से कूटरचित आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज लगाकर अनुबंध करते हुए धनपाल से नोटरी कराकर ब्याह रचा लिया। कोर्ट के बाहर दोनों ने 500 रु. के स्टाम्प पर शादी का अनुबंध किया। घर जाकर अन्य रसमें भी पूरी की।

भाई

चाचा

असली परिवार : अगले दिन पुलिस तक पहुंचे

जैन परिवार ने अगले दिन पुलिस को सूचना दी। बताया शादी का झांसा देकर डेढ़ लाख रु., फिर 20 हजार व सोने का मंगलसूत्र लेकर माही फरार हो गई है।

फिर नकली शादी... लेकिन पकड़ा गए

हाल ही में धार निवासी युवक से ऐसी ठगी कर भोपाल पुलिस के पकड़ में आने के बाद अखबारों में फोटो देख जैन परिवार ने अकोदिया पुलिस को जानकारी दी। इस पर प्रोटेक्शन वारंट पर 4 आरोपियों को भोपाल से व दो अन्य को गिरफ्तार कर शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से जेल भेज दिया गया।

ऐसे बनी लुटेरी दुल्हन : आष्टा के मयूर नगर निवासी माही उर्फ माहिर उर्फ यास्मिन पिता रफीक खान 12वीं तक पढ़ी। फिर भोपाल में वेजिटेबल कटर बेचने की मार्केटिंग की। यहीं दोस्त सत्येंद्र के साथ रहती थी। यहीं से नकली शादी की प्लानिंग की गई।

नकली रिश्तेदार : बैरसिया निवासी राजेंद्र लड़की का चाचा व उसकी प|ी शीला नकली चाची। सत्येंद्र दुल्हन का भाई, पंडित बनता बाबूलाल व दलाल नता था राजेंद्र।

दलाल