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सरकारी अस्पताल की लैब में सामान नहीं होने से जरूरी जांचें हो गई बंद

भास्कर संवाददाता | शुजालपुर सिटी स्थित सिविल अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में जरूरी सामान ना होने से आधा दर्जन से...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 05:40 AM IST
सरकारी अस्पताल की लैब में सामान नहीं होने से जरूरी जांचें हो गई बंद
भास्कर संवाददाता | शुजालपुर

सिटी स्थित सिविल अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में जरूरी सामान ना होने से आधा दर्जन से अधिक जांच नहीं हो पा रही और मरीजों को महंगे दाम पर बाजार में जांच कराना पड़ रही है। 2 माह से एक्सरे मशीन में सुधार कार्य न होने से अस्पताल में एक्सरे भी नहीं हो रहा है और दुर्घटना तथा पुलिस के प्रकरणों में एक्सरे कराने के लिए कालापीपल या शाजापुर अस्पताल जाना पड़ रहा है।

शुजालपुर शहर सहित आसपास के 100 गांवों को स्वास्थ्य सेवा सुलभ कराने का प्रमुख केंद्र सिविल अस्पताल शुजालपुर सिटी इन दिनों अव्यवस्थाओं के दौर से गुजर रहा है। अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में जरूरी सामान न होने से करीब आधा दर्जन जांच नहीं हो पा रही है। वर्ष 2013 में शासन ने सिविल अस्पताल में होने वाली सभी तरह की 32 पैथालॉजी जांच को आमजन के लिए नि:शुल्क घोषित किया है, लेकिन लैब में सामान के अभाव में कई जांच नहीं होने से मरीज परेशान होते हैं। किड व अन्य सामान के अभाव में यूरिया, लीवर के लिए होने वाली एसजीओटी व एएलके जांच के साथ ही इन्फेक्शन होने पर की जाने वाली ईएसआर तथा लिपिड प्रोफाइल नहीं हो पा रही है। महिलाओं के लिए ऑपरेशन से पूर्व होने वाली प्रमुख जांच भी मरीजों को कराने के लिए अस्पताल से बाहर जाना पड़ता है।

सरकारी अस्पताल में सुबह 8:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चिकित्सकों द्वारा ओपीडी समय में जांच व परामर्श के उपरांत जरूरी जांच लिखी जाती है। यह जांच सुबह कराने के बाद मरीज को शाम के समय रिपोर्ट मिलती है। लैब में कार्यरत सुनीता पाटीदार ने बताया करीब 100 लोगों की प्रतिदिन जांच करना होती है तथा तत्काल रिपोर्ट देने वाली सेल काउंटर व आटोमेटिक एनालाइजर मशीन ना होने से रोगियों को जांच रिपोर्ट देने में कुछ घंटे का समय लगता है। यदि मशीन सुलभ हो जाएगी तो मरीजों को तत्काल रिपोर्ट देना संभव हो सकेगा। इस बारे में अस्पताल प्रभारी डॉ. के जैन ने बताया जिला मुख्यालय को मशीन की डिमांड तथा अस्पताल में खत्म हो चुके लैब संबंधी सामान की मांग का पत्र भेजा जा चुका है।

सिविल अस्पताल सिटी में दो एक्सरे मशीन तथा तकनीकी स्टाफ तैनात है। बीते 2 माह से दोनों मशीनें तकनीकी सुधार न होने से बंद पड़ी हुई है। शासन से अनुबंधित होकर मरम्मत कार्य करने वाली हेल्थ केयर कंपनी के तकनीकी अमले ने सिविल अस्पताल की करीब 20 वर्ष पुरानी 100 एमए क्षमता वाली मशीन को कंडम घोषित कर दिया है तथा दूसरी मशीन की तकनीकी खामी सुधार कार्य करने वाला अमला नहीं पकड़ पाया। एक्सरे सुविधा बंद होने का परचा चस्पा कर स्टाफ को दूसरे काम में लगा दिया गया है। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 40 एक्सरे होते हैं और इन दिनों सभी को बाजार में जाकर एक्सरे कराना पड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी पुलिस दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों को हो रही है। उन्हें सिविल अस्पताल शाजापुर या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालापीपल जाना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में ब्लड स्टोरेज के लिए अलग बिल्डिंग बनाकर कुछ समय तक के लिए यह सुविधा चालू की गई, लेकिन बीते कई माह से यहां ब्लड स्टोरेज बंद पड़ा हुआ है। इस वजह से सिविल अस्पताल में रोगियों को रक्त की आपूर्ति नहीं हो पाती और रक्त की आवश्यकता होने पर या तो मरीज को रैफर कराकर बाहर ले जाना पड़ता है या भोपाल इंदौर से ब्लड लाना पड़ता है।

लैब में जरूरी सामान ना होने से मरीजों की नहीं हो पा रही जांचें।

चिकित्सकों की कमी से भी परेशानी

अस्पताल में प्रतिदिन 400 नए 300 पुराने मरीज औसतन ओपीडी के समय में आते हैं। सर्वाधिक मरीज मेडिसिन, सर्जरी, प्रसव संबंधी या बच्चों के रोग संबंधी होते हैं। सरकारी अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के 7 पद स्वीकृत हैं और तीन रिक्त है। बेहोशी के डॉक्टर का एनेस्थेटिक पद रिक्त पड़ा हुआ है। इसी तरह मेडिसिन विशेषज्ञ, सर्जरी विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। 2 चिकित्सक डॉक्टर सीएम गुप्ता व डॉक्टर भदौरिया प्रशिक्षण में बाहर गए हुए है, इससे परेशानी और बढ़ गई है। ओपीडी में केवल दो ही चिकित्सक सैकड़ों मरीजों को देखने के लिए तैनात है। जिससे मरीजों के साथ-साथ चिकित्सकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

इस बारे में शासन को अवगत कराया जा चुका है


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