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1 करोड़ की ठगी मामले में 17 महीने बाद 8 संचालकों को भी बनाया आरोपी

शुजालपुर के 700 निवेशकों की पूंजी लेकर भागी थी चिटफंड कंपनी भास्कर संवाददाता | शुजालपुर 700 लोगों को रुपए दोगुना...

Danik Bhaskar

Jan 06, 2018, 05:40 AM IST
शुजालपुर के 700 निवेशकों की पूंजी लेकर भागी थी चिटफंड कंपनी

भास्कर संवाददाता | शुजालपुर

700 लोगों को रुपए दोगुना करने का लालच देकर ठगी करने वाली चिटफंड कंपनी बीपीएन पर एक और कार्रवाई हुई है। इसमें 17 महीने बाद फाउंडर मेंबर 8 संचालकों को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है।

कम समय में दोगुने रुपए करने का सपना दिखाकर शुजालपुर के लोगों को झांसे में लेकर 1 करोड़ की ठगी करने वाली कंपनी बीएनपी के मामले में एजेंटों पर मामला दर्ज होने के 17 महीने बाद पुलिस ने कंपनी के फाउंडर मेंबर आठ संचालकों को भी पुलिस ने आरोपी बनाकर एक को जेल से प्रोटेक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की है। इधर, पीड़ितों ने कई माह से जांच के नाम पर पुलिस पर ठोस कार्रवाई नहीं करने व मामले को टालने का आरोप लगाया है।

शुजालपुर सहित आसपास के जिलों में दस साल से एजेंटों के जरिए काम कर रही दिल्ली से संचालित बीएनपी इंडिया रियल एस्टेट व इंश्योरेंस प्रालि कंपनी के एजेंटों ने अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के मुकाबले कम समय में रुपए दोगुना करने का वादा किया था। लोगों ने कंपनी के लुभावने झांसे में आकर दैनिक बचत खाते खुलवाए। कंपनी ने इलाके के बेरोजगारों को दस से बीस प्रतिशत कमीशन का लालच देकर एजेंट बनाया और उनके मार्फत इलाके से करीब 5 करोड़ रुपए समेट लिए। कुछ लोगों ने जीवनभर की जमा पूंजी तक जमा करा दी। लोगों के होश तब उड़ गए जब उन्हें बीते साल जुलाई में पता चला कंपनी अवैध है और बगैर लाइसेंंस बैंकिंग का कारोबार कर रही है। परिपक्वता तिथि के बाद भी भुगतान मिलने की तिथि निकलने के बाद जमा राशि नहीं मिलने और जवाब देने कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी सामने नहीं आने पर निवेशकों ने पुलिस का घेराव किया था।

कंपनी के सभी आठ संचालकों को भी आरोपी बनाने के साथ ही पहले से जेल में बंद केदार पिता रामलाल को शुजालपुर पुलिस प्रोटेक्शन वारंट पर पूछताछ के लिए लाई। टीआई एमएस जगत के अनुसार जिन संचालकों को आरोपी बनाया है उनमें ग्वालियर की गेंदाबाई व नीलेश, भिंड के राघवेंद्र, आगरा के दयानंद, अनिल तुलसीराम, झांसी के देवेंद्र व सोमदत्त की तलाश की जा रही है। दिलीप ने बताया उसका एक हाथ नहीं है, जितना पैसा कमाया वो कंपनी में निवेश कर दिया। अब न तो जमा राशि मिल रही है और न जमा कराने वाले एजेंट किसी तरह का जिम्मा लेने को तैयार। निवेशक मनोहर ने पुलिस पर धीमी कार्रवाई करने व मामले को टालने का आरोप लगाया है।

विरोध के बाद कार्रवाई, 8 एजेंटों पर मामला दर्ज

निवेशकों द्वारा घेराव के बाद पुलिस ने 17 जुलाई 2016 को 8 एजेंट्स आरोपीगण संजय पिता अमृतलाल जाट निवासी बरनावाद थाना पचोर, मुकेश पिता दिलीप परमार निवासी रायकनपुरा शुजालपुर, सुभाष पिता सीताराम जाट निवासी जेठड़ा थाना शुजालपुर, शंकर पिता मदनसिंह राठौड़ निवासी मदन थाना सलसलाई, जितेंद्र पिता बद्रीलाल परमार निवासी शुजालपुर, राजेंद्र पिता केशरसिंह परमार व जीवन पिता गोरेलाल परमार दोनों निवासी केवड़ाखेड़ी थाना सलसलाई व मुकेश पिता हरिनारायण कुंभकार निवासी लसुड़लिया गौरी थाना कालापीपल के खिलाफ धारा 420, 120 बी में मामला दर्ज किया था।

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