शुजालपुर

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सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद जर्जर टंकी देखने आई इंदौर की टीम

भास्कर संवाददाता | शुजालपुर शहर के बीच बनी खतरनाक टंकी की जर्जर हालत से हादसे की शिकायत सीएम हेल्पलाइन के लेवल...

Dainik Bhaskar

Feb 28, 2018, 06:35 AM IST
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद जर्जर टंकी देखने आई इंदौर की टीम
भास्कर संवाददाता | शुजालपुर

शहर के बीच बनी खतरनाक टंकी की जर्जर हालत से हादसे की शिकायत सीएम हेल्पलाइन के लेवल चार में होने के बाद सोमवार को इंदौर के इंजीनियरिंग कॉलेज का दल तकनीकी निरीक्षण करने आया। सबसे पुरानी जलप्रदाय करने वाली टंकी के तकनीकी सर्वे होने के बाद अब टंकी के क्षतिग्रस्त व गिराने योग्य होने का प्रमाण हासिल कर इसे तोड़ने की प्रक्रिया की जाएगी।

पुलिस चौकी के पास बनी नगर की जलापूर्ति करने वाली वर्षों पुरानी टंकी की जर्जर हालत के चलते इसे ध्वस्त कर नई टंकी का निर्माण कांजी हाउस परिसर में किया जाना प्रस्तावित है। डीपीआर बन चुकी है व जल्द नए स्थल पर नई टंकी का काम शुरू होगा। पुलिस चौकी के सामने बनी नपा उप कार्यालय परिसर स्थित सबसे पुरानी टंकी की न तो छत है और न ही उसकी देखरेख करने के लिए सीढ़ियां बची हैं। 12 साल पहले नपा परिषद ने निरीक्षण के बाद इसको ध्वस्त कर नई टंकी बनाने का भी प्रस्ताव विचारार्थ परिषद की बैठक में रखा था। जिस पर कार्रवाई नहीं हुई और 4 नई टंकियां बनने के बावजूद 40 साल पुरानी क्षतिग्रस्त हो चुकी टंकी से ही रोजाना मंडी इलाके में सप्लाई हो रही है। इस टंकी की बदहाली से हादसे की आशंका देखते हुए जनहित में इसे हटाने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में लेवल चार पर लंबित होने के बाद सोमवार को इंदौर से प्रो. एमके लघेटे व डॉ. विजय रोडे ने यहां हथौड़ी से ठोंककर टंकी के पिलर व दीवारों की हालत देखी। इन्होंने बताया टंकी की मरम्मत में बहुत ज्यादा खर्च होगा व इसके तकनीकी बिंदुओं का प्रतिवेदन शासन को भेजेंगे।

इसलिए खतरनाक है पुरानी टंकी- पुरानी टंकी से मंडी क्षेत्र के पंजाबी मोहल्ला, आजाद नगर, महात्मा गांधी मार्ग क्षेत्र, बस स्टैंड क्षेत्र सहित अंबिका और श्रीनगर आदि इलाकों में आज भी इसी टंकी से सप्लाई की जा रही है। टंकी की संग्रहण क्षमता 1 लाख 36 हजार 500 लीटर होने के बाद भी इसको ढंकने वाली छत को टूटे हुए दस साल से ज्यादा समय बीत चुका है। अब इसे समय-समय पर बरसाती पन्नी से ढंककर काम चलाया जाता रहा है। इस टंकी के नीचे ही नगर पालिका का व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स भी है। यहां व्यापारियों की दुकान पर रोजाना सैकड़ों लोगों का आना होता है। कभी किसी दिन अनहोनी हुई तो बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।

टंकी जिसमें न तो सीढ़ी है और न संग्रहित पानी को ढंकने के लिए कोई इंतजाम। जांच करते तकनीकी अधिकारी।

अब कांजी हाउस के पीछे बनाई जाएगी नई टंकी

अनहोनी की आशंका में नपा ने टंकी को ध्वस्त कर नई टंकी कांजी हाउस परिसर में बनवाने के निर्देश कुछ माह पूर्व जारी किए हैं। नई टंकी की डीपीआर बनकर तैयार है लेकिन तकनीकी स्वीकृति के अभाव में काम शुरू नहीं हुआ है।

निर्माण के लिए तकनीकी प्रस्ताव कराया जा चुका है


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