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अभयपुर में सद्भावना सम्मेलन

शाजापुर | संत शिरोमणि गुरु रविदास अंधविश्वास एवं कर्मकांड के घोर विरोधी थे। उन्होंने जीवन पर्यंत सामाजिक समरसता...

Danik Bhaskar | Feb 02, 2018, 06:40 AM IST
शाजापुर | संत शिरोमणि गुरु रविदास अंधविश्वास एवं कर्मकांड के घोर विरोधी थे। उन्होंने जीवन पर्यंत सामाजिक समरसता का संदेश दिया और एक समतामूलक समाज की स्थापना करने के लिए ताउम्र काम किया। संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।

यह बात विचार आदर्श ग्राम अभयपुर में आयोजित रविदास जयंती पर आयोजित सद्भावना सम्मेलन के दौरान भारतीय दलित साहित्य अकादमी के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष रामप्रसाद परमार ने कही। परमार ने कहा संत रविदास के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी सार्थक होगी, जब हम संतश्री के बताए गए मार्ग का अनुसरण करें। वर्तमान में सब को समतामूलक समाज की स्थापना करने के लिए आगे आना होगा। परमार ने आगामी आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में होने वाले सामाजिक समरसता सम्मेलन 15 अप्रैल में उपस्थित होने का आह्वान किया। अध्यक्षता समाजसेवी गोवर्धन परमार ने की। विशेष अतिथि शाजापुर जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष संतोष परमार, अजाक्स के पूर्व जिलाध्यक्ष जी.एल. राजोरिया, डॉ. आंबेडकर एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष अंबाराम राजोरिया थे। संचालन श्याम परमार ने किया। आभार जसमत परमार ने माना।

नेशनल लोक अदालत 10 को

शाजापुर
| इस साल की पहली नेशनल लोक अदालत 10 फरवरी शनिवार को मुख्यालय शाजापुर व तहसील मुख्यालय शुजालपुर, आगर, सुसनेर एवं नलखेड़ा न्यायालय परिसर में लगेगी। वर्ष 2018 में दो महीने में एक बार जिला एवं तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाना है।