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अकोदिया पुलिस थान

पुलिस ने पकड़े 12 मवेशी, एक कोर्ट ने सुपुर्दगी का आदेश दिया, दूसरी अदालत ने स्टे; 9 दिन से थाना बना गोशाला, पुलिसकर्मी...

Danik Bhaskar | Feb 25, 2018, 08:05 AM IST
पुलिस ने पकड़े 12 मवेशी, एक कोर्ट ने सुपुर्दगी का आदेश दिया, दूसरी अदालत ने स्टे; 9 दिन से थाना बना गोशाला, पुलिसकर्मी कर रहे भूसे-पानी की व्यवस्था


अकोदिया पुलिस थाने में इन दिनों गोशाला जैसा नजारा है। बीते 9 दिन से पुराना पुलिस थाना भवन में बंधे गोवंश को भूसा खिला रही है। गोबर उठाने के लिए भी इंतजाम किया है। मवेशी के भागने पर उसे पकड़ने के लिए पूरा स्टाफ पीछे दौड़ पड़ता है। दरअसल न्यायालय द्वारा पशु क्रूरता व गोवंश परिवहन के मामले में मवेशियों की सुपुर्दगी पर अगली सुनवाई तक स्टे देने की वजह से पुलिस को उन मवेशियों की देखरेख करना पड़ रही है, जिन्हें पुलिस ने खुद अवैध परिवहन व वध की आशंका में जब्त किया था। मवेशी दुधारू नहीं होने से गाेशाला प्रबंधन मवेशियों को रखने के एवज में चारे-पानी के पैसों की मांग कर रहा है। पुलिस के पास फंड नहीं है। पुलिस के अनुसार कोर्ट के आगामी आदेश तक मवेशियों को पुराने थाना परिसर में रखकर इसी तरह चारा-पानी की व्यवस्था करना पड़ेगी।

अकोदिया के पुराना थाना भवन में बंधे मवेशी। इनसेट वाहन से भूसा खाली करता पुलिसकर्मी।

मवेशी भागे तो पीछे दौड़ा पूरे थाने का स्टाफ

शुक्रवार शाम एक मवेशी थाना परिसर से भाग गया तो उसे पकड़ने में 8-10 पुलिसकर्मी एक घंटे तक मशक्कत करते रहे। पुलिस ने बताया न्यायालय में अन्य गोशाला को मवेशियों को सुपुर्द करने के आदेश के संबंध में आग्रह किया गया है। न्यायालय के आगामी आदेश तक मवेशियों को थाने में बांधकर रखना पुलिस की मजबूरी है, क्योंकि मवेशियों के फोटो भी न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं। नतीजतन किसी मवेशी के भागने पर अन्य मवेशी को भी प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

दो वाहनों से जब्त किए थे, तीन लोगों को बनाया था आरोपी

अकोदिया पुलिस के अनुसार 14 जनवरी को शुजालपुर मार्ग पर मुखबिर की सूचना से दो वाहनों में ले जा रहे 12 मवेशी जब्त किए थे। तीन आरोपियों जगराम गुर्जर, इकराम नवाब व राम अवतार सिंह सभी निवासी गंगापुर सिटी (राजस्थान) के खिलाफ गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया था। इस दौरान पुलिस ने जब्त 12 मवेशी पोलायकलां की श्रीकृष्ण गोशाला को अस्थाई तौर पर सुपुर्द किए थे। करीब एक माह बाद इस मामले में आरोपी बनाए गए पक्ष ने दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय से मामले के निराकरण तक मवेशियों की अस्थाई सुपुर्दगी की मांग की, जिस पर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी संजना सरल ने सुपुर्दगी के आदेश जारी कर दिए। आदेश के पालन में अकोदिया पुलिस जब गोशाला में मवेशी लेने पहुंची तो कई मवेशी नदारद थे। सुपुर्दगी देने के लिए न्यायालय के आदेश के पालन की बाध्यता में पुलिस ने तीन-चार दिन भाग दौड़ कर जैसे-तैसे सभी मवेशी बरामद किए। मवेशी सुपुर्दगी की तैयारी पुलिस ने की, इससे पहले ही गोशाला के प्रबंधक ने न्यायालय के सुपुर्दगी आदेश पर आपत्ति लेते हुए प्रकरण के निराकरण होने तक मवेशी मालिकों को सुपुर्दगी न देने की अपील की। इस पर अपर सत्र न्यायालय न्यायाधीश दिव्यांगना जोशी पांडे ने निचली कोर्ट के सुपुर्दगी आदेश को आगामी सुनवाई तक स्थगित रखने के आदेश दिए। इसके बाद बीते 9 दिन से अकोदिया पुलिस पुराने पुलिस थाना परिसर में मवेशियों को बांधकर उन्हें भूसा खिला रही है। जिस गोशाला प्रबंधक की आपत्ति पर स्थगन हुआ, थाना प्रभारी आरआर चौहान के अनुसार वह अब मवेशियों को गाेशाला में रखने के एवज में प्रति मवेशी प्रतिदिन के मान से 125 रु. मांग रहे हैं। ऐसे में पुलिस के पास तो कोई फंड नहीं जो उन्हें दिया जाए, इसलिए जन सहयोग से पुलिस गोवंश का आहार जुटा रही है।

गोबर उठाने के लिए भी पुलिस को करना पड़ी व्यवस्था

कानूनी पेचीदगी के कारण मवेशियों की सेवा कर रही पुलिस के हाल जानने जब भास्कर की टीम पहुंची तो अकोदिया थाने के प्रधान आरक्षक खुशाल सिंह जनसहयोग से लाए हुए भूसे की गाड़ी खुद खाली कर रहे थे। थाने पर मौजूद एएसआई हीरालाल परमार ने बताया कानून के पालन के साथ ही थाना परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए गोबर उठाने की जिम्मेदारी भी अस्थाई रूप से कार्यरत सफाईकर्मी को दी है। उत्पात मचा रहे एक सांड को रोकने के लिए पुराने थाने की टूटी हुई दीवार के पास बोर्ड, साइकिल और रस्सियों से अस्थाई गेट बंद किया गया है।