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14 महीने की जगह 3 साल में बना कॉलेज भवन, अब लोकार्पण में भी डेढ़ घंटे इंतजार

लेटलतीफी के कारण 14 महीने की जगह 3 साल में किला मैदान पर बने शासकीय कन्या कॉलेज के नए भवन का लोकार्पण भी डेढ़ घंटे लेट...

Bhaskar News Network| Last Modified - Feb 25, 2018, 08:05 AM IST

14 महीने की जगह 3 साल में बना कॉलेज भवन, अब लोकार्पण में भी डेढ़ घंटे इंतजार
14 महीने की जगह 3 साल में बना कॉलेज भवन, अब लोकार्पण में भी डेढ़ घंटे इंतजार
लेटलतीफी के कारण 14 महीने की जगह 3 साल में किला मैदान पर बने शासकीय कन्या कॉलेज के नए भवन का लोकार्पण भी डेढ़ घंटे लेट हुआ। शनिवार को समारोह के लिए सुबह 10 बजे का समय तय था, लेकिन बेरछा में इंटरसिटी ट्रेन स्टॉपेज कार्यक्रम भी इसी दिन सुबह होने से देरी हो गई। वहां कार्यक्रम होने के बाद समारोह के विशेष अतिथि और अध्यक्ष से लेकर कलेक्टर तो सुबह 11.05 बजे आ गए, लेकिन मुख्य अतिथि सांसद मनोहर ऊंटवाल नहीं आ सके। जनप्रतिनिधि बाहर खड़े होकर उन्हें फोन लगाते रहे। 11.25 बजे सांसद आए। इसके बाद लोकार्पण किया। केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत का नहीं आना चर्चा का विषय रहा।

अतिथि स्वागत में बीत गया आधा घंटा : समारोह में मुख्य अतिथि सांसद ऊंटवाल, विशेष अतिथि शुजालपुर विधायक जसवंतसिंह हाड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्रसिंह बैस, सीसीबी बैंक अध्यक्ष शिवनारायण पाटीदार, कलेक्टर श्रीकांत बनोठ, अभाविप मालवा प्रांत सह मंत्री श्याम टेलर, भाजपा नगर अध्यक्ष शीतल भावसार, मंडी अध्यक्ष प्रतिनिधि रमेशचंद्र पाटीदार, नपा उपाध्यक्ष मनोहर विश्वकर्मा, पूर्व विधायक लक्ष्मीनारायण पटेल, संस्था की जन भागीदारी समिति अध्यक्ष विमल कसेरा आदि थे। अध्यक्षता विधायक अरुण भीमावद ने की। अतिथियों के स्वागत में ही आधा घंटा बीत गया। विधायक भीमावद ने प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाली 123 छात्राओं को गणवेश के लिए अपनी तरफ से 300-300 रुपए वितरित की।

पहले 65 छात्राएं थीं, अब 250 पढ़ रही हैं

1987 में जिले का यह एकमात्र शासकीय गर्ल्स कॉलेज किले में पहले लगने वाली न्यायालय के जर्जर भवन में शुरू हुआ था। शुरुआती दौर में यहां 65 छात्राएं ही थीं। सत्र 2004-05 में प्रदेश के बंद किए जाने वाले 100 सरकारी कॉलेजों में इसका नाम आ चुका था। लेकिन जनप्रतिनिधियों से लेकर पूर्व छात्राओं के प्रयासों से ऐसा नहीं हुआ। आज यहां 250 से ज्यादा छात्राएं हैं। कॉलेज में एम.कॉम. की पढ़ाई भी हो रही है।

इंतजार खत्म

32 साल से कर रहे थे मांग, नहीं आए केंद्रीय मंत्री

मैन गेट के बाहर खड़े हो इस तरह इंतजार कर फोन लगाते रहे अन्य अतिथि।

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