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तीन विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर डटे व्यवस्था फेल, हजारों लोगों के काम अटके

चुनावी दौर आते ही शासन के विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 24, 2018, 09:10 AM IST

चुनावी दौर आते ही शासन के विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया। वर्षों से चले आ रहे सरकार और कर्मचारियों के इस विवाद में एक बार फिर आमजन के कई काम अटक गए। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से जिले के 52 टीकाकरण केंद्रों पर ताले तो अतिथि शिक्षकों के आंदोलन ने 365 से ज्यादा स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बिगाड़ दी। इधर, सहकारी संस्थाओं के कर्मचारी भी अपनी मांग को लेकर सड़क पर धरना देने बैठ गए। नतीजतन जिले की 91 सोसायटियों के किसानों के पंजीयन से लेकर अन्य काम अटक गए। यह तो बात हुई तीन बड़ी संस्थाओं की, लेकिन आने वाले 15-20 दिनों में सहकारी बैंक कर्मचारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी हड़ताल का रास्ता अपनाने का निर्णय कर लिया।

कर्मचारियों की हड़ताल के कारण अब संबंधित विभागों के अधिकारियों की चिंता भी बढ़ने लगी है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार टीकाकरण व अन्य मामलों में विकल्प के रूप में स्थाई कर्मचारियों के लगाया जा सकता है, लेकिन भुगतान और कम्प्यूटर से जुड़े कुछ काम को लेकर आगे समस्या खड़ी हो जाएगी। सहकारी बैंक महाप्रबंधक डीआर सरोठिया के मुताबिक कर्मचारियों की मांगों को लेकर भोपाल स्तर पर बैठक चल रही है। व्यवस्था बिगड़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जाएगा।

पढ़ाई ठप: 10वीं-12वीं की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं, तनाव में बच्चे

बच्चों के पोषण पुनर्वास केंद्र पर लगा ताला।

शिक्षा :एक ही शिक्षक के भरोसे हैं कई कक्षाएं, विद्यार्थी तनाव में

हड़ताल के 12 दिन

935से ज्यादा शिक्षक शामिल हैं

365से ज्यादा

स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित

चाहते क्या हैं शिक्षक

नियमितीकरण और वेतन में बढ़ोतरी

अतिथि शिक्षकों की हड़ताल का असर उन स्कूलों में ज्यादा दिखा, जो इन्हीं के भरोसे चल रहे थे। कई स्कूलों में अब एक ही शिक्षक दो-तीन कक्षाओं के बच्चों को पढ़ा रहे हैं। 10वीं-12वीं की परीक्षा शुरू होने में कम वक्त बचा है। इसके कारण बच्चों के साथ ही उनके परिजन भी तनाव में हैं।

टीकाकरण रुका: 52 सेंटरों पर असर, बच्चों की सेहत खतरे में

आगे क्या

चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा

विकल्प अतिशेष शिक्षकों को भेजा पर व्यवस्था नहीं सुधरी

स्वास्थ्य :पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती थे कई बच्चे, करना पड़ी छुट्‌टी

हड़ताल के 6 दिन

194से ज्यादा कर्मचारी शामिल हैं

टीकाकरण सहित

योजनाओं का भुगतान रुका

चाहते क्या हैं कर्मचारी

सालों से एक ही मांग नियमितीकरण

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल का असर पोषण पुनर्वास केंद्र पर दिखा। 19 फरवरी तक शाजापुर व शुजालपुर केंद्रों पर 5-5 बच्चे भर्ती थे। शुक्रवार को सभी की छुट्टी करनी पड़ी। केंद्रों पर अब ताले हैं। जननी सुरक्षा, परिवार कल्याण, प्रसूति योजनाओं में भुगतान के काम भी अटके।

सहकारी कर्मचारी आंदोलन के दौरान स्वच्छता अभियान चलाते हुए।

आगे क्या

मांगें पूरी होने तक आंदोलन

विकल्प नियमित कर्मचारी लगाए, लेकिन भुगतान अटका

गरीब और किसान: न राशन बंट रहा और न किसानों के काम हो रहे

सहकार :गेहूं की फसल की बिक्री अटकेगी, किसान परेशान

हड़ताल के 4 दिन

546से ज्यादा कर्मचारी 91 संस्थाओं के

सोसायटियों पर ताले

राशन और पंजीयन रुके

चाहते क्या हैं कर्मचारी

स्थानांतरण व्यवस्था और वेतनमान

सहकारी संस्थाएं महासंघ के आंदोलन के चलते जिले की 326 सार्वजनिक राशन वितरण की दुकानें बंद हो गई। इससे मार्च माह के आवंटन सहित वितरण व्यवस्था बिगड़ जाएगी। इधर, 47 केंद्रों पर समर्थन मूल्य का गेहूं खरीदे जाने को लेकर भी परेशानी खड़ी हो सकती है।

आगे क्या

मांगें पूरी होने तक आंदोलन

विकल्प अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की

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