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शुजालपुर और कालापीपल के 242 में से 57 गांवों में जलसंकट, 574 हैंडपंप हुए बंद

भास्कर संवाददाता | शुजालपुर अनुभाग के सभी ग्रामीण क्षेत्रों का जलस्तर तेजी से जा रहा है। शुजालपुर अनुभाग के 242...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 15, 2018, 10:00 AM IST

भास्कर संवाददाता | शुजालपुर

अनुभाग के सभी ग्रामीण क्षेत्रों का जलस्तर तेजी से जा रहा है। शुजालपुर अनुभाग के 242 में से 57 गांवों में जलसंकट गहराने के बाद 574 हैंडपंप बंद होने की रिपोर्ट पीएचई विभाग ने मुख्यालय को भेजी है। गांवों में लोग दूरदराज से पानी ला रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुजालपुर ब्लॉक में 122 गांव हैं। इन गांवों में 978 हैंडपंप स्थापित है। इनमें से विभिन्न कारणों से 193 हैंडपंप स्थाई रूप से बंद हो गए तथा 55 आंशिक रूप से चालू हैं। इस वर्ष पीएचई ने 140 बोर कराए है।

शुजालपुर ब्लॉक में 785 हैंडपंप ही अभी पानी दे रहे हैं। मई-जून तक भीषण गर्मी के दौर में इन हैंडपंपों में से महज 30 प्रतिशत हैंडपंप ही मशक्कत के बाद पानी उगलते हैं। शेष हैंडपंप गर्मी की दस्तक के साथ ही धीरे-धीरे दम तोड़ने लगते हैं। बहरहाल क्षेत्रभर में भूमिगत जलस्तर इस तेजी से गिर रहा है कि बोर करवाने पर 300-400 फीट पर भी पानी मुश्किल से निकलता है और वह भी गर्मी के दिनों में सूख जाता है। लगातार गिरता जलस्तर क्षेत्र के लिए चिंता की बात है। ठीक इसी तरह कालापीपल ब्लॉक में 120 गांव है और इनमे कुल 951 हैंडपंप विभागीय रिकार्ड में दर्ज है। इनमें से 58 हैंडपंप किन्हीं कारणों से स्थाई रूप से बंद है। यहां भी 102 हैंडपंप आंशिक रूप से चालू है। कुल 570 हैंडपंप अभी पानी दे रहे है। हैंडपंप मैकेनिकों की माने तो लगातार जलस्तर में एक माह से गिरावट हो रही है। मई-जून तक स्थिति और विकराल हो जाएगी। फिलहाल वे हैंडपंप जो वर्तमान में आंशिक या पर्याप्त पानी दे रहे हैं इनमें से 70 फीसदी बंद हो जाएंगे। इस बात से यह अंदाजा लगाना सहज है कि गर्मी के तेवर बढ़ने के साथ ही जलसंकट भी भीषण होता जाएगा।

ग्राम सिलोदा में बंद हैंडपंप बच्चों का खेलने का साधन बने हुए हैं।

सिलोदा में तालाब भी सूखा, ग्रामीण परेशान

इलाके में सिंचाई व मछली पालन के लिए मशहूर सिलोदा गांव का तालाब इस वर्ष अल्प वर्षा के चलते खाली रहने से जलस्तर गिरने से सभी हैंडपंप बंद है। शासकीय माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं को स्कूल में पानी नहीं होने से अपनी प्यास बुझाने के लिए घरों से बॉटल में पानी लाना पड़ता है। छात्र अभिषेक राजपूत ने बताया 1 बॉटल पानी 5 घंटे स्कूल टाइम तक चलाना होता है। ग्राम पंचायत नेहराव प्रस्ताव बनाकर ट्यूबवेल मोटर की मांग पीएचई विभाग व जनपद पंचायत से की जो 4 माह बीतने के बाद भी अधर में है।

समस्या

लगातार गिर रहा जल स्तर, दूरदराज से पानी ला रहे कई गांव के लोग

प्रतिवेदन जिला मुख्यालय भेजा

जलस्तर में गिरावट से 57 गांव में आधे से अधिक हैंडपंप बंद है और जलसंकट को लेकर प्रतिवेदन जिला मुख्यालय भेजा गया है। केके शर्मा, प्रभारी एसडीओ-पीएचई शुजालपुर

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