• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Shujalpur
  • Shujalpur - खेत पर अभ्यास करने वाली तनोड़िया की दीपिका ने 5 तीर खराब हुए तो 4 से ही साधा निशाना, राज्य स्तर पर जीता स्वर्ण पदक
--Advertisement--

खेत पर अभ्यास करने वाली तनोड़िया की दीपिका ने 5 तीर खराब हुए तो 4 से ही साधा निशाना, राज्य स्तर पर जीता स्वर्ण पदक

अब राष्ट्रीय स्पर्धा में खेलेगी भास्कर संवाददाता | तनोड़िया/शाजापुर शुजालपुर में महीनाभर रहकर तीरंदाजी...

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 05:31 AM IST
Shujalpur - खेत पर अभ्यास करने वाली तनोड़िया की दीपिका ने 5 तीर खराब हुए तो 4 से ही साधा निशाना, राज्य स्तर पर जीता स्वर्ण पदक
अब राष्ट्रीय स्पर्धा में खेलेगी

भास्कर संवाददाता | तनोड़िया/शाजापुर

शुजालपुर में महीनाभर रहकर तीरंदाजी सीखने के बाद गांव में ही कच्चे घर के बड़े कमरे व पिता के खेत पर प्रैक्टिस करने वाली तनोड़िया की 11 वर्षीय दीपिकाकुंवर राठौड़ ने स्कूली गेम्स की राज्य स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया है। जबलपुर में हुई तीरंदाजी की राज्य स्पर्धा में उज्जैन संभाग की बालिका मिनी वर्ग टीम को सफलता मिली है। साथ ले जाए गए 9 में से 5 तीर खराब होने पर दीपिका ने 4 तीरों से ही आखिरी 5 राउंड में सटीक निशाने साधे। दीपिका सहित सलोनी पुष्पद, भूमिका पांचाल व निकिता के रूप में इस संयुक्त टीम ने फाइनल के कुल 12 राउंड के निशाने साध 600 अंक पाकर आदिवासी विकास विभाग की टीम को शिकस्त दी।

इन खिलाड़ियों के कोच लोकेंद्रसिंह तोमर ने बताया दीपिका तनोड़िया व निकिता शुजालपुर के पास सटेंडी गांव की है और पहली ही बार तीरंदाजी की राज्य स्पर्धा में जाने वाली खिलाड़ी थीं। मंगलवार को जबलपुर में हुई स्पर्धा के समापन समारोह में अतिथियों ने ओवरऑल बेहतर प्रदर्शन पर दीपिकाकुंवर सहित तीन खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक प्रदान किया। तनोड़िया की दीपिका ने पहले राउंड में 60 तीर छोड़कर 79, दूसरे में 85 व तीसरे में 100 अंक बनाए। वहीं स्पर्धा में पहली बार हिस्सा लेने वाली निकिता ने टीम में सबसे ज्यादा स्कोर कवर किया। पहले राउंड में 60 तीर छोड़ 207, दूसरे चरण में 134 व तीसरे राउंड में 159 अंक पाए। कुल 3 खिलाड़ियों के बेस्ट परफारमेंस पर टीम की हार-जीत का फैसला हुआ। चयनित खिलाड़ी 13 से 17 नवंबर तक शिवपुरी में होने वाली इसी खेल की राष्ट्रीय स्पर्धा में हिस्सा लेंगी।

संभागीय टीम को दिलाई जीत, चार में से दो खिलाड़ी गांव की रहने वाली, पहली बार प्रतियोगिता में हिस्सा लिया

दीपिकाकुंवर स्वर्ण पदक दिखाती।

पिता बोले- तीर टूटने के बाद भी वो खेलती रही, दूसरों से मांगे लेकिन किसी ने नहीं दिए

दीपिकाकुंवर के पिता ईश्वरसिंह राठौड़ ने बताया स्पर्धा में जाने के लिए घर से दीपिका के साथ सिर्फ 9 तीर ले गए थे। 1 रास्ते में बैग के अंदर खराब हो गया। एक की पीछे से कैप खुल गई तो 1 तीर तिरछा हो गया। फाइनल मैच में आखिरी 5 राउंड बचते समय 2 तीरों की कैप आगे से टूटने पर वह भी काम के नहीं रहे। बेटी रेस्ट टाइम में दौड़कर आई व परेशानी बताई। मैंने वहां मौजूद कुछ कोच से उनके पास उपलब्ध तीर मांगे, लेकिन किसी ने नहीं दिए। बेटी से कहा अब 4 तीरों से ही तुझे तेरा पदक जीतना है, हौसला मत हारना। फाइनल राउंड पूरा होने के बाद जैसे ही जीत की घोषणा हुई, बेटी ने आकर गले लगा लिया। इधर, शालेय क्रीड़ा उज्जैन संभाग के सहायक संचालक आर.के. पालीवाल ने कहा मिनी बालिका वर्ग टीम के जीतने की खबर मिलते ही उत्साह और बढ़ा। दीपिकाकुंवर के लिए जल्द ही बेहतर सुविधाएं जुटाएंगे, ताकि आगे उसे कोई दिक्कत न आए।

X
Shujalpur - खेत पर अभ्यास करने वाली तनोड़िया की दीपिका ने 5 तीर खराब हुए तो 4 से ही साधा निशाना, राज्य स्तर पर जीता स्वर्ण पदक
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..