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12 साल पहले मृत किसान के नाम से दाखिल हुआ नामांकन पुत्र के शपथ पत्र व दावा-आपत्ति के बाद किया गया खारिज

रिटर्निंग ऑफिसर ने कहा- नामांकन पत्र में उम्मीदवार का फोटो तथा स्वयं की उपस्थिति अनिवार्य न होने की वजह से सामने...

Danik Bhaskar | May 05, 2018, 04:50 AM IST
रिटर्निंग ऑफिसर ने कहा- नामांकन पत्र में उम्मीदवार का फोटो तथा स्वयं की उपस्थिति अनिवार्य न होने की वजह से सामने आया ऐसा मामला

भास्कर संवाददाता | शुजालपुर

चुनाव जीतने के लिए साम- दाम-दंड -भेद तो आपने अब तक सुना होगा, लेकिन शुजालपुर के मार्केटिंग सोसायटी की चुनावी प्रक्रिया में 12 साल पहले मृत ग्रामीण के नाम से प्रत्यायुकता का नामांकन पत्र अज्ञात लोगों ने जमा कर दिया। रिटर्निंग ऑफिसर ने अन्य लोगों की आपत्ति आने तथा मृत व्यक्ति के पुत्र द्वारा शपथ-पत्र देने के बाद मृतक के नाम से दाखिल नामांकन पत्र को अस्वीकृत कर दिया।

कुल 12 संचालकों से गठित होने वाली मार्केटिंग सोसायटी के संचालक मंडल के लिए पहले चरण में सबसे पहले ख वर्ग के 377 कृषक व संस्थाओं के अंशधारी सदस्यों द्वारा 8 वार्डों में प्रत्यायुक्त का चुनाव किया जाएगा। इनमें से दो प्रत्यायुक्त, संचालक मंडल में प्रतिनिधित्व करेंगे। 8 वार्डों से चुनकर आने वाले इन प्रत्यायुक्त के लिए जारी निर्वाचन प्रक्रिया में 3 मई तक नामांकन पत्र दाखिल हुए तथा 4 मई को दोपहर 3:00 बजे तक जांच पूर्ण कर वैध नामांकन पत्रों की सूची जारी की गई। आज 5 मई को नाम वापसी के बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी होगी तथा चिन्ह का आवंटन किया जाएगा। 11 मई को मतदान संपन्न होगा, इसके बाद मतगणना कर निर्वाचित संचालकों की घोषणा की जाएगी। नामांकन पत्रों की जांच के बाद शुक्रवार को जारी सूची के अनुसार 8 वार्डों में से 4 वार्ड में निर्विरोध प्रत्याशी चुने गए है। प्रत्यायुक्तों के निर्वाचन में कुल 16 नामांकन पत्र दाखिल हुए। इनमें से 12 को वैध पाया गया है। चार नामांकन पत्र अस्वीकृत किए गए, जिनमें से इंदर सिंह मेहरखेड़ी, राजेंद्र सिंह मेवाड़ा अख्तियारपुर व भगवत सिंह टपक- बसंतपुर का नामांकन पत्र कालातीत ऋण शेष होने की वजह से अस्वीकृत किया गया तथा देवा पिता बालाजी परमार का नामांकन पत्र दावे-आपत्ति में मृत्यु होने की सूचना तथा परिजन द्वारा मृत्यु की पुष्टि में दिए गए शपथ-पत्र के आधार पर अस्वीकृत किया गया।

मार्केटिंग सोसायटी चुनाव में सहकारिता अधिनियम के मुताबिक ख वर्ग के 377 कृषि भूमि धारक व संस्था के अंशधारक सदस्य 8 वार्डों में प्रत्यायुक्त का चयन करते हैं। इन 8 में से पुनः संचालक हेतु निर्वाचन कर दो संचालक चुने जाते हैं, जिन्हें बोर्ड में प्रतिनिधित्व का मौका मिलता है। इसके अलावा शुजालपुर मार्केटिंग सोसायटी क्षेत्र में 26 सहकारी संस्थाएं, 12 अन्य सोसायटियां, 21 कृषि संस्था के व्यक्तिगत कृषक सदस्यों की सोसायटियों द्वारा कुल दस संचालक निर्वाचित कर भेजे जाते है। सभी 12 संचालक अध्यक्ष व अन्य प्रतिनिधियों का चयन करते है।

सोसायटी अध्यक्ष ने भी लिखा पत्र

इसके अलावा वर्तमान मार्केटिंग सोसायटी के अध्यक्ष मोतीसिंह मेवाड़ा ने भी रिटर्निंग ऑफिसर को लिखित आवेदन देते हुए बताया कि मेहरखेड़ी निवासी देवा परमार मतदाता सूची क्रमांक 14, सदस्यता पंजी क्रमांक 667, वार्ड क्रमांक 2 से डेलीगेट सदस्य के लिए नामांकन जमा किया गया है जबकि इनकी मृत्यु हो चुकी है, इसलिए इनका नामांकन निरस्त किया जाए। ग्राम पंचायत ने भी 3 मई को देवा पिता बाला जी परमार की मृत्यु का प्रमाणीकरण जारी किया। इस संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर नवीन शर्मा ने बताया जांच में 4 नामांकन विविध कारणों से स्वीकृत किए गए तथा वैध नामांकन पत्रों की सूची जारी कर दी गई है। मतदाता सूची में मृत किसान का नाम कैसे आया इसका जवाब रिटर्निंग ऑफिसर भी नहीं दे पाए।

बेटे ने शपथ-पत्र सौंप की कार्रवाई की मांग

मार्केटिंग सोसायटी के प्रबंधक विष्णु पाटीदार ने बताया देवी सिंह पिता बालचंद के पुत्र मोर सिंह परमार निवासी मेहर खेड़ी ने शपथ-पत्र देते हुए बताया देवी सिंह परमार की मृत्यु वर्ष 2006 में लगभग 12 वर्ष पहले हुई है तथा माता काशीबाई पति देवी सिंह की मृत्यु भी वर्ष 2013 में 5 वर्ष पूर्व हुई है। शपथ-पत्र में मोरसिंह ने उल्लेख किया कि उन्हें जानकारी लगी है, कि किसी व्यक्ति ने मार्केटिंग सोसायटी शुजालपुर के चुनाव में उनके मृत पिता देवीसिंह परमार के नाम से उम्मीदवारी के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है, जबकि उनके पिता जीवित ही नहीं है। शपथ-पत्र में नामांकन पत्र के आवेदन को निरस्त करने तथा फर्जी व्यक्ति के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई का उल्लेख भी किया।



फर्जीवाड़ा

पुत्र ने कहा- स्वर्गवासी पिता के नाम से फर्जीवाड़ा करने वालों पर हो कार्रवाई