शुजालपुर

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डॉ. अर्चना मेहता | देंदला/रंथभंवर

गांव का नाम घटिया... वहां रहने वाले इतने इंटेलिजेंट कि हर चौथे घर में सरकारी कर्मचारी, बेटियां भी आगे बढ़ीं, पढ़ाई...

Danik Bhaskar

Apr 30, 2018, 06:25 AM IST
गांव का नाम घटिया... वहां रहने वाले इतने इंटेलिजेंट कि हर चौथे घर में सरकारी कर्मचारी, बेटियां भी आगे बढ़ीं, पढ़ाई में अव्वल- हर साल रिजल्ट 100 फीसदी


डॉ. अर्चना मेहता | देंदला/रंथभंवर

जिला मुख्यालय से 34 किमी दूर बसे एक गांव का वाकया रोचक है। गांव का नाम घटिया ... (घटियाखुर्द) है, लेकिन वहां रहने वाले लोग इतने इंटेलिजेंट हैं कि गांव के हर चौथे घर का कोई न कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है। सबसे ज्यादा शिक्षा विभाग से जुड़े हैं। इसमें करीब 15 शासकीय स्कूलों में शिक्षक हैं। कई पुलिस, स्वास्थ्य व अन्य विभागों में शासकीय पद पर पदस्थ हैं। गांव के कई युवा इंजीनियरिंग करने के बाद बड़े शहरों में निजी कंपनियों में बड़े पैकेज पर कार्यरत हैं। करीब 800 की आबादी वाले इस गांव का एजुकेशन स्तर भी इतना बेहतर है कि बोर्ड की कक्षा दसवीं का परिणाम हर साल शत प्रतिशत रहता है।

गांव में लड़कों के साथ लड़कियां भी पढ़ाई से लेकर शासकीय नौकरी करने तक हर मामले में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने लगी हैं। गांव के सरपंच सोनारसिंह ने बताया ग्रामीण बच्चों की शिक्षा को लेकर काफी जागरूक हैं। मजदूरी करने वाले भी अपने बच्चों को अच्छी पढ़ाई कराने का प्रयास करते हैं। बकायदा स्कूल जाकर समय-समय पर शिक्षकों से फीडबैक लेते हैं। पढ़ाई के मामले में ग्रामीण लड़के और लड़कियों में भी कोई भेद नहीं मानते। यही वजह है कि गांव की लड़कियां भी पढ़ाई के मामले में पीछे नहीं हैं। कुछ लड़कियां तो अब नौकरी भी करने लगी हैं। गांव की सीमा चौहान पुलिस विभाग इंदौर में पदस्थ हैं। अलका सिसौदिया शुजालपुर में शिक्षिका हैं। गांव की पुष्पाबाई प्रजापत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में ग्रामीण युवतियों को प्रेरित कर रही हैं।

सरपंच सोनारसिंह ने बताया गांव के हर चौथे घर में कोई ने कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है। शिक्षक ज्यादा होने से क्षेत्र के लोग गांव को ही शिक्षकों का गांव कहकर संबोधित करने लगे हैं।

गांव के भगवानसिंह राठौड़ व उदयसिंह राठौड़ एसएफ उज्जैन में पदस्थ हैं। हड़मलसिंह राठौड़ पुलिस कांस्टेबल राजगढ़, रामचंद्र बैरागी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी, मानसिंह सोनावत स्वास्थ्य विभाग, नाथूसिंह राठौड़ पशुचिकित्सक सेमली आश्रम, महिपालसिंह राठौड़ सहकारी संस्था कालीसिंध में कार्यरत हैं।शासकीय हाईस्कूल संस्था प्रधान गजेंद्रसिंह सिसौदिया ने बताया गांव का एजुकेशन स्तर बेहतर है। यही वजह है कि हर साल बोर्ड की कक्षा 10वीं में यहां का रिजल्ट शत प्रतिशत रहता है। स्थानीय मावि संस्थाप्रधान विक्रमसिंह राठौड़ ने बताया मैं जिस विद्यालय में आज संस्था प्रधान हूं, मेरी शुरुआती शिक्षा भी उसी स्कूल से हुई है। जिस क्लास में बैठकर पढ़ाई करता था अब वहां अपने गांव के बच्चों को पढ़ाता हूं।

शिक्षक बन जगा रहे शिक्षा का अलख

विक्रमसिंह राठौड़ संस्था प्रधान शासकीय मावि घट्टिया खुर्द, मोहनसिंह राठौड़ सहायक शिक्षक शासकीय मावि खामखेड़ा, बैजनाथ सिंह राठौड़ सहायक अध्यापक शासकीय मावि सेमली, तंवरसिंह राठौड़ सहायक अध्यापक शासकीय मावि हापाखेड़ा, बद्रीलाल चौहान सहायक शिक्षक शासकीय मावि कन्या प्रावि घुंसी, दशरथसिंह राठौड़ सहायक अध्यापक कुरावर (राजगढ़), बाबूलाल गोयल खेल शिक्षक शासकीय उमावि मक्सी और सज्जनसिंह राठौड़, विजेन्द्रसिंह राठौड़, भूपेन्द्रसिंह राठौड़ सरस्वती शिशु मंदिर, केशरसिंह राठौड़, देवीलाल गोयल, भंवरसिंह राठौड़ सेवानिवृत्त शिक्षक हैं।

बच्चों को पर्यटक स्थलों का भ्रमण कराकर ज्ञान भी दिया जाता है

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