• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Shujalpur
  • खेल शिक्षक ने टॉयलेट बॉय बन 52 गांव में 4 हजार 142 शौचालय बनवाए, अब बिहार को खुले से शौच मुक्त करने घूम रहा गांव गांव
--Advertisement--

खेल शिक्षक ने टॉयलेट बॉय बन 52 गांव में 4 हजार 142 शौचालय बनवाए, अब बिहार को खुले से शौच मुक्त करने घूम रहा गांव-गांव

Dainik Bhaskar

Apr 09, 2018, 06:40 AM IST

Shujalpur News - पुरुषोत्तम पारवानी | शुजालपुर शाजापुर जिले के 31 ग्राम पंचायत के 52 गांव में 4 हजार 142 घरों में शौचालय बनवाने वाले...

खेल शिक्षक ने टॉयलेट बॉय बन 52 गांव में 4 हजार 142 शौचालय बनवाए, अब बिहार को खुले से शौच मुक्त करने घूम रहा गांव-गांव
पुरुषोत्तम पारवानी | शुजालपुर

शाजापुर जिले के 31 ग्राम पंचायत के 52 गांव में 4 हजार 142 घरों में शौचालय बनवाने वाले युवक राजकुमार की पहचान अब प्रदेश के बाहर भी टॉयलेट बॉय के रूप में होने लगी है। जिले के लोगों को जागरूक करने के बाद टॉयलेट बॉय ने अब साथियों के साथ बिहार के दरभंगा जिले में घरों में शौचालय बनवाने के लिए जागरूक करने का अभियान शुरू किया है।

दोस्त की बहन के साथ दो साल पहले खुले में शौच के लिए जाते समय हुई छेड़छाड़ की घटना से आहत होकर राजकुमार ने हर घर शौचालय बनवाने की ठानी। लोगों को प्रेरित करने पंचायत का स्वच्छता प्रेरक बनकर मुहिम शुरू की। 24 महीने में से करीब 15 महीने घर से बाहर अन्य गांवों में रहकर ग्रामीणों को जागरूक करने का काम करते हुए यह युवक एक महीने में इक्का-दुक्का बार ही अपने घर जाता है। अब तक इस काम के बदले में बतौर स्वच्छता प्रेरक इन्हें जो मानदेय मिला, उसका भी आधा हिस्सा गरीब लोगों के घर शौचालय बनवाने की मदद में खर्च कर दिया।

अब बिहार में टीम के साथ कर रहे जागरूक

राजकुमार ने बताया कि बिहार में सत्याग्रह अभियान के तहत निर्धारित कार्यक्रम में उनके साथ शाजापुर जिले के बाला गुर्जर, गज बहादुर थापा, अरविंद सेन, संजय परमार, शिवनारायण भिलाला, योगेश दुबे, संतोष सोनगरा दरभंगा जिले में लोगों को शौचालय के लाभ बताते हुए घरों में टॉयलेट बनवाने के लिए राजी कर रहे हैं। जनपद पंचायत सीईओ नितिन भट्ट ने बताया सभी प्रेरक काम कर रहे हैं, मगर राजकुमार का काम प्रेरकों के लिए भी प्रेरणादायी है।

सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक राजकुमार ने जिन गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराया उनमें रायपुर, पिपलोद, बड़ोद राणा, चौकी नसीराबाद, ताजपुर उकाला, चित्तौड़ा, चितोनी, मायापुर-मगरोला, किसोनी, उचावद, हड़लायकलां, बटवाड़ी, मुंगोद, निवालिया, खाटसूर, देवली, मोरटा केवड़ी, खड़ी, हन्नूखेड़ी, मुंगोद, अमलावती, मितेरा, उगाह, चापड़िया, कड़वाला, खेड़ीमंडल खा, लाहरखेड़ा, दुग्धा, तिलावद मैना ग्राम पंचायत के गांव शामिल हैं।

बिहार के दरभंगा जिले में ग्रामीणों को शौचालय के लाभ बताते राजकुमार।

बच्चों को खिलौने देकर बड़ों को जागरूक करने के लिए जोड़ते हैं

राजकुमार अपने साथ एक किट लेकर चलते हैं, जिसमें बच्चों के खिलौनों और खुद की गुजर-बसर के सामान के साथ होती है राख। पहले गांव में बच्चों को खेल-खिलौने देकर बाल गोपाल सेना का गठन करते हैं, जो सीटी बजाकर डब्बा लेकर जाने वालों को शर्मसार करते हैं। इसके बाद भी जो लोग नहीं मानते, ये युवक उनकी शौच के मल पर राख डालकर गंदगी से होने वाले दुष्प्रभाव बताता है। राजकुमार ने बताया कि शुरुआत में लोगों को बुरा लगता था, लेकिन कुछ दिन गांव में बिताने के बाद परिवर्तन दिखते ही ग्रामीण भी साथ देने लगते हैं। अभियान के दौरान ग्राम पंचायत भवन में रुकना, शौचालय बनाने के लिए गड्ढा खुदाई में ग्रामीणों-श्रमिकों के साथ श्रमदान करना भी अलग पहचान दिलाता है।

शौचालय वाला के नाम से बुलाते हैं लोग

केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान प्रशिक्षण में शाजापुर जिले से एकमात्र प्रशिक्षित स्वच्छता प्रेरक राजकुमार पेशे से निजी स्कूल में खेल शिक्षक हैं। हड़लायकलां निवासी यह युवक 2 साल से लोगों को घरों में टॉयलेट बनवाने के लिए प्रेरित करने का काम करते हुए ऐसी प्रसिद्धि पा चुका है कि जिस गांव में जाता हैं, लोग उन्हें शौचालय वाला के नाम से बुलाते हैं।

X
खेल शिक्षक ने टॉयलेट बॉय बन 52 गांव में 4 हजार 142 शौचालय बनवाए, अब बिहार को खुले से शौच मुक्त करने घूम रहा गांव-गांव
Astrology

Recommended

Click to listen..