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शाम 4 बजे एलबीएस कॉलेज में 10 में से सिर्फ तीन नियमित और 20 में से 2 अतिथि विद्वान ही थे मौजूद

नगर के लाल बहादुर शास्त्री काॅलेज में स्टाफ की मनमानी बेकाबू हो गई है। नियमित स्टाफ के अलावा अतिथि विद्वान तक समय...

Danik Bhaskar | Jul 08, 2018, 05:35 AM IST
नगर के लाल बहादुर शास्त्री काॅलेज में स्टाफ की मनमानी बेकाबू हो गई है। नियमित स्टाफ के अलावा अतिथि विद्वान तक समय से पहले कालेज से गायब हो जाते हैं। इस वजह से यहां आने वाले छात्र-छात्राओं को परेशानी उठाना पड़ती है। कुरवाई रोड पर स्थित लाल बहादुर शास्त्री काॅलेज जिले का सबसे बड़ा काॅलेज है। पीजी का दर्जा प्राप्त इस कालेज में 1800 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

वहीं टीचिंग स्टाफ में 10 नियमित प्राध्यापक तथा सहायक प्राध्यापकों के अलावा 20 अतिथि विद्वान भी शामिल हैं। इनमें से अधिकांश अपनी मर्जी के मालिक हैं। जो जब मर्जी होती है कालेज आते और मर्जी होने पर वापस लौट जाते हैं। शुक्रवार को कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने सभी कर्मचारियों को कार्यालयीन समय पर अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहने के विशेष निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों को लेकर सरकारी अमला कितना गंभीर है, इसकी हकीकत जानने के लिए शनिवार को दैनिक भास्कर की टीम शाम चार बजे एलबीएस कालेज पहुंची। परिसर में दो छात्र गेहूंखेड़ी निवासी सुमित मालवीय और ताहरसिंह राजपूत किसी शिक्षक को ढूंढ़ रहे थे। उनका कहना था कि हम अपनी अंकसूची लेने सुबह आए थे तो प्रभारी शिक्षक ने दोपहर में 3 बजे के बाद आने को कहा था। तीन बजे आए तो एक घंटे बाद भी वे कालेज में नहीं मिल रहे हैं। शनिवार को ही डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन का अंतिम दिन था। इस कारण अनेक छात्र-छात्राएं शिक्षकों को ढूंढते फिर रहे थे। काॅलेज परिसर में जाकर देखा तो यहां पर नियमित स्टाफ में राजेश सप्रे, विनिता प्रजापति तथा अनामिका मर्सकोले ही मौजूद थी। वहीं दो अतिथि विद्वान तथा जनभागीदारी समिति द्वारा रखे गया क्लेरिकल स्टाफ मौजूद थे। इनके अलावा स्टाफ के अन्य सदस्य जा चुके थे। इस संबंध में प्राचार्य पीसी कासिब ने बताया कि मैं काम से गांव आया हूं। स्टाफ के अन्य सदस्यों को पांच बजे तक अनिवार्य रूप से काॅलेज में रहना चाहिए। जो सदस्य गायब है। उनसे स्पष्टीकरण लेंगे। जरूरत पड़ी तो वेतन काटने की कार्रवाई भी की जाएगी।