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गर्मी में एक से दूसरी बस तक दौड़ लगाते रहे यात्री, गलत बस मिलने पर हुए निराश

Sonkutch News - सोमवार को शाजापुर में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की उपस्थिति में आयोजित किसान महासम्मेलन के लिए लंबे रूट सहित...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 05:00 AM IST
गर्मी में एक से दूसरी बस तक दौड़ लगाते रहे यात्री, गलत बस मिलने पर हुए निराश
सोमवार को शाजापुर में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की उपस्थिति में आयोजित किसान महासम्मेलन के लिए लंबे रूट सहित अंचल में चलने वाली बड़ी संख्या में बसों का अधिग्रहण किया गया था। जिससे स्टैंड के साथ ही एबी रोड के हर स्टॉप पर लोग बसों का इंतजार कर करते रहे। जहां प्रतिदिन 10 से 15 मिनट के अंतर से बसें चलती थी वहीं सोमवार को आधा घंटे से अधिक के अंतर से उपनगरीय बसों के लिए लोग राह देखते रहे। इसमें देवास से इंदौर जाने वाली अधिकांश बसें भरी हुई थी।

प्रमुख चौराहों पर स्थिति यह थी कि हर चौराहे पर यात्रियों की भीड़ थी, दूसरी ओर लंबी रूट की बसों के साथ ही अंचल क्षेत्र में चलने वाली बसें भी सीमित थी। बस स्टैंड पर विशेषकर महिलाओं और बच्चों को अधिक फजीहत का सामना करना पड़ा। जो लोग एक दिन पहले देवास आ गए थे उन्हें अपने घर लौटने के लिए बस स्टैंड पर तीन से चार घंटे तक बस नहीं मिल पाई। इस दौरान परिवार के साथ सफर पर निकले लोगों को गर्मी और थकान ने हालाकान कर दिया। यात्री एक से दूसरी बस तक दौड़ लगाते रहे, जब बस के पास पहुंचे तो गलत बस को देखकर निराश भी हुए। गिनी-चुनी बसों में यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी।

बस को देखते ही दौड़ने में एक-दूसरे से टकराते रहे यात्री

बसों को देखकर दौड़ लगाने की आपाधापी में यात्री अनेक बार एक-दूसरे से टकराते रहे। एबी रोड से लगे यात्री प्रतीक्षालय में अमूमन भीड़ नजर नहीं आती है लेकिन सोमवार को यहां यात्री दिनभर बसों के इंतजार में बैठे रहे। समय पर बसें नहीं मिलने और जो बसें थी उनमें पैर रखने की जगह न हाेने से सुबह से शाम तक यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों को जाने वाले यात्री अपने सिर पर सामान ढो रहे थे तो महिलाएं गोद में दूधमुंहे बच्चों को लेकर बसों में चढ़ने का प्रयास करती नजर आई। बहुत से लोगों ने अपने घर फोन करके उन्हें बसें न मिलने की जानकारी दी तो कई अपने घरों को लौट गए।

देवास। बस में चढ़ने के लिए इस तरह दिनभर स्टैंड पर मचती रही आपाधापी।

बसों में भीड़ इतनी थी कि पैर रखने तक की जगह नहीं थी

देवास से इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, गुना, ब्यावरा, शाजापुर, मक्सी, ग्वालियर सहित लोकल में हाटपिपल्या, बागली, चापड़ा, नेमावर, टोकखुर्द, भौरासा, सोनकच्छ, बरोठा सहित अन्य स्थानों को जाने यात्री परेशान हुए। बसों में भीड़ इतनी थी कि पैर रखने जगह नहीं मिल रही थी। लोग खड़े-खड़े यात्रा करने के लिए मजबूर थे।

यात्रियों ने बयां की पीड़ा

विक्रम सिंह, उमाबाई सहित साथ में परिवार के 12 सदस्य थे। रविवार की रात दीपडाखेडी आष्टा से उज्जैन गए थे। सुबह दर्शन कर सुबह 7.30 बजे देवास आ गए। टेकरी पर माता के दर्शन कर बस स्टैंड पहुंचे। लेकिन सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक बस में चढ़ने की जगह नहीं मिली। भौरा जिला सीहोर की कल्पना जोशी, गीताबाई, जमुनाबाई, रामप्यारी और महादेव ने बताया उज्जैन पंचकोशी यात्रा पर गए थे। सुबह 10 बजे देवास बस स्टैंड आ गए। अपने रूट की बस नहीं मिली। गीताबाई, जमुना बाई ने बताया होटल का भोजन नहीं करते हैं इसलिए उन्होंने ककड़ी फल खाकर दिन निकाला। शाम 4 बजे तक बस नहीं मिली।

यातायात पुलिस ने ट्रकों को रोका

शाजापुर में किसान महासम्मेलन में जाने से करीब 800 ट्रकों को सोमवार को एबी रोड पर रोक दिया गया। ट्रैफिक टीआई पवन कुमार बागड़ी ने बताया कि देवास में मक्सी बायपास पर 300 ट्रकों को रोका। इसी प्रकार टोंंककलां के आसपास 500 ट्रकों को रोका गया। सुबह साढ़े नौ बजे से रोकना प्रारंभ कर दिया था। दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद ट्रकों को जाने दिया। इससे एबी रोड एक साइड ट्रकों की लंबी लाइन लग गई।

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