Hindi News »Madhya Pradesh »Sonkutch» भागवत कथा में जीवन का सार तत्व विद्यमान हैै- पं. मिश्रा

भागवत कथा में जीवन का सार तत्व विद्यमान हैै- पं. मिश्रा

सोनकच्छ| भागवत कथा में जीवन का सार तत्व विद्यमान है। आवश्यकता है निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने की।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 05:00 AM IST

भागवत कथा में जीवन का सार तत्व विद्यमान हैै- पं. मिश्रा
सोनकच्छ| भागवत कथा में जीवन का सार तत्व विद्यमान है। आवश्यकता है निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने की। भागवत श्रवण से मनुष्य को परमानंद की प्राप्ति होती है। भागवत श्रवण करने से प्रेतयोनी से मुक्ति मिलती है। चित्त की स्थिरता के साथ कथा सुननी चाहिए। भागवत श्रवण मनुष्य केे संपूर्ण क्लेश को दूर कर भक्ति की ओर अग्रसर करती है। भगवान की लीला अपरंपार है। वे अपनी लीलाओं के माध्यम से मनुष्य व देवताओं के धर्मानुसार आचरण करने के लिए प्रेरित करते हैं।

उक्त बात सांवेर में श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिन भागवताचार्य पं. प्रदीप मिश्रा (सीहोर) ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कही। उन्होंने अच्छे और बुरे कर्मों की परिणिति को विस्तार से समझाते हुए आत्मदेव के पुत्र धुंधकारी और गोमाता के पुत्र गोकरण के कर्मों के बारे में समझाया।

धुंधकारी द्वारा एकाग्रता पूर्ण कथा श्रवण से प्रेतयोनी से मुक्ति बताई तो वही धुंधकारी की माता द्वारा संत प्रसाद का अनादर कर छलकपट से पुत्र प्राप्ति और उसके बुरे परिणाम को समझाया। मनुष्य जब अच्छे कर्मों के लिए आगे बढ़ता है तो संपूर्ण सृष्टि की शक्ति समाहित होकर मनुष्य के पीछे लग जाती है और सारे कार्य सफल होते हैं। छलछिद्र जब जीवन में आ जाए तो भगवान भी उसे ग्रहण नहीं करते है। निर्मल मन प्रभु को स्वीकार्य है। छलछिद्र रहित और निर्मल मन भक्ति के लिए जरूरी है। द्रोपदी, कुंती महाभागवत नारी है। कुंती स्तुति को विस्तारपूर्वक समझाते हुए। परीक्षित जन्म एवं शुकदेव आगमन की कथा सुनाई। पश्चात गौकर्ण चरित्र भी सुनाया गया।

निकली कलशयात्रा- ग्राम सांवेर शंकर मंदिर से कथास्थल तक सुबह दस बजे कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें भागवताचार्य मिश्रा को विराजमान किया गया। बैंड बाजे के साथ शुरू हुई कलश यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। बैंड बाजे के साथ निकाली गई यात्रा में सबसे आगे भागवत पुराण को सर पर उठाए यजमान एलएन माहेश्वरी सप|ीक चल रहे थे। अन्य महिलाओं ने 21 कलश सर पर रखे थे। यात्रा का जगह- जगह स्वागत किया गया।

भागवत पुराण की पूजा करते महाराज।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Sonkutch

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×