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भक्तों ने खींचे 26 क्विंटल वजनी 13 गाड़े, एक मिनट में पूरी की 500 फीट की दूरी

फोटो : कुलदीप भावसार (बड़वानी), आशीष जायसवाल (ठीकरी) इसलिए खींचते हैं गाड़े महाराष्ट्र के जेजुरी निवासी...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:40 AM IST
फोटो : कुलदीप भावसार (बड़वानी), आशीष जायसवाल (ठीकरी)

इसलिए खींचते हैं गाड़े

महाराष्ट्र के जेजुरी निवासी खांडेराव महाराज भ्रमण पर निकले थे। बड़वा राकेश बाबा ने बताया ठीकरी के पास ग्राम कठोरा (मेल) में दोनाें महान विभूतियों का मिलन हुआ था। यहां 11 ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं। जानकारी के मुताबिक वे विक्रम संवत 1251 में यहां आए थे। यहां पर खांडेराव महाराज और ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती का मिलन हुआ था। दोनों महान विभूतियों के मिलन की याद में हर साल गाड़ा खिंचाई का आयोजन होता है।

निमाड़ में यहां होती है गाड़ा खिंचाई - बुरहानपुर, बड़वानी, अंजड़, ठीकरी, खरगोन के कसरावद, घुघरियाखेड़ी, दोगावां।

प्राध्यापक बोले- शोध का विषय

गाड़ा खिंचाई को लेकर शहर के प्राध्यापक भी हैरानी जताते हैं। पीजी कॉलेज के विज्ञान संकाय के प्राध्यापक डॉ. प्रमोद पंडित व डॉ. संजय साठे ने भी इसे शोध का विषय बताते हुए कहा कि क्या कारण है, जो बड़वा के छूने से कई क्विंटल वजनी गाड़े स्वत: चल पड़ते हैं। वहीं डॉ. ओमप्रकाश खंडेलवाल ने इसे धार्मिक अास्था बताकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

बड़वानी | बड़वा राकेश बाबा द्वारा गाड़े पर पैर रखते ही 26 क्विंटल वजनी 13 गाड़े खींचे गए। महज 60 सेकंड में 500 फीट की दूरी पूरी की। चैत्र माह की पड़वा पर शुक्रवार को नवलपुरा में खांडेराव महाराज गुरु समिति के तत्वावधान में शाम 6.30 बजे गाड़ा खिंचाई हुई। 5 हजार से अधिक लोग इसे देखने पहुंचे। दोपहर 4 बजे गाड़े कार्यक्रम स्थल पर लाए गए। महिलाओं ने हल्दी का लेप लगाकर गाड़े का पूजन किया। शाम 5 बजे बड़वा राकेश बाबा ने खांडेराव बाबा की ठान पर जाकर पूजा-अर्चना कर हल्दी लगाई। हनुमान मंदिर में बजरंग बली से भेंट करने के बाद मंदिर के पास स्थापित मकड़ी को घुमाई। इसके बाद लोग बाबा को कंधे पर उठाकर ढोल के साथ गाड़ा स्थल तक ले गए। हजारों लोगों ने खांडेराव महाराज का जयघोष लगाया।

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