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बायोमेट्रिक मशीन में नहीं है मक्का की एंट्री राशन दुकानों पर हो रही तू-तू, मैं-मैं

राशन दुकान से लोगों को इस माह गेहूं व चावल के साथ मक्का भी दिया जा रहा है, लेकिन मक्का बायोमेट्रिक मशीन में दर्ज...

Danik Bhaskar | Mar 30, 2018, 06:00 AM IST
राशन दुकान से लोगों को इस माह गेहूं व चावल के साथ मक्का भी दिया जा रहा है, लेकिन मक्का बायोमेट्रिक मशीन में दर्ज नहीं है। इस कारण बीपीएल परिवार के लोग मक्का लेने में आनाकानी कर रहे हैं। इससे आए दिन राशन दुकान संचालक व हितग्राहियों के बीच तू-तू, मैं-मैं की स्थिति बन रही है। पहले प्रत्येक माह बीपीएल हितग्राही परिवार को प्रति सदस्य के मान से 1 किलो चावल व 4 किलो गेहूं दिया जाता था, लेकिन मार्च माह में 1-1 किलो गेहूं व चावल तथा 3 किलो मक्का दिया जा रहा है। मक्का लेने से हितग्राही परिवारों को परहेज है। बायोमेट्रिक मशीन में मक्का की एंट्री नहीं है। इस वजह से भी हितग्राही मक्का लेने को राजी नहीं है। वे दुकानदार से मक्का के बदले गेहूं देने की मांग करते हैं। इनकार करने पर विवाद की स्थिति बनती है। तीन माह तक हितग्राहियों को मक्का का वितरण किया जाना है। मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के तहत अंत्योदय एवं प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को एक रुपए किलो चावल दिया जाता है। प्राथमिक श्रेणी के बीपीएल परिवारो के अलावा 23 कैटेगरी के अन्य हितग्राहियों को भी इसमें शामिल किया गया है।

खराब पड़ी बायोमेट्रिक मशीनें रजिस्टर से बांट रहे राशन

विकासखंड में संचालित 83 राशन दुकानों में से कई दुकानों की बायोमेट्रिक मशीनें बंद व खराब पड़ी हैं। मशीनें बार-बार खराब होने की वजह से दुकान संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मजबूरन सेल्समैनों को रजिस्टर में एंट्री कर राशन वितरण कराना पड़ रहा है। जिले में करीब 225 राशन दुकानें हंै। मशीन सुधारने वाला केवल एक ही मैकेनिक है।



अगले माह से मिलेगी मक्का