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शिक्षा विभाग और प्रशासन की अनदेखी का परिणाम

भास्कर संवाददाता | रहटगांव/टेमागांव क्षेत्र के वनग्राम महागांव में मंगलवार को बड़ा हादसा टल गया। झोपड़ी में...

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2018, 06:45 AM IST
शिक्षा विभाग और प्रशासन की अनदेखी का परिणाम
भास्कर संवाददाता | रहटगांव/टेमागांव

क्षेत्र के वनग्राम महागांव में मंगलवार को बड़ा हादसा टल गया। झोपड़ी में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, तभी झोपड़ी की छत आंधी में उड़ गई। इससे बच्चे घबरा गए। शिक्षकों के साथ बच्चे तेजी से झोपड़ी के बाहर निकले और अपनी जान बचाई। इस दौरान करीब 30 से अधिक बच्चे थे। शिक्षकों के साथ बच्चे सतर्कता नहीं दिखाते तो घायल भी हो सकते थे।

टिमरनी विकासखंड के वनग्राम महागांव में प्राथमिक शाला की हालत ठीक नहीं है। भवन नहीं होने से आधा सैकड़ा बच्चे झोपड़ी में ही संचालित स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षक गोविंद पटेल ने बताया मंगलवार दोपहर करीब 1.30 बजे बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, तभी मौसम के बिगड़ने के कारण तेज हवाएं चलने लगीं। इससे आई आंधी में झोपड़ी की छत उड़ गई। इससे बच्चे घबरा गए। शिक्षकों का कहना है हादसे की आशंका को देखते हुए हम बच्चों को लेकर खुले में भागे। अगर थोड़ी देरी और होती तो हादसा भी हो सकता था। बच्चों व शिक्षकों ने शिक्षा विभाग और प्रशासन से नया भवन बनाने की मांग की है।

वनग्राम महागांव में झोपड़ी में संचालित प्राथमिक शाला की छत आंधी में उड़ी, पढ़ाई कर रहे 30 बच्चे जान बचाकर भागे, बड़ा हादसा टला

तीन साल से झोपड़ी

में चल रहा स्कूल

महागांव में स्कूल भवन नहीं होने से तीन साल से प्राथमिक शाला झोपड़ी में ही संचालित हो रही है। यहां न तो पानी की सुविधा है और न ही शौचालय की। बारिश के दिनों में अक्सर छत के टपकने से बच्चों को झोपड़ी में बैठकर पढ़ाई करने में परेशानी आती है। कई बार विभाग और प्रशासन को समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। अचानक आए तूफान में स्कूल की झोपड़ी की छत उड़ गई।

रहटगांव। झोपड़ी में संचालित स्कूल जिसकी छत उड़ी । दूसरा चित्र जान बचाकर बाहर आए बच्चे।


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