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अब राजस्व व कृषि विभाग की टीमें करेंगी सर्वे

भास्कर संवाददाता| टिमरनी/खिरकिया/टेमागांव रविवार को अचानक बेमौसम बारिश और ओले के कारण गेहूं व चने की फसल को...

Danik Bhaskar | Feb 13, 2018, 06:55 AM IST
भास्कर संवाददाता| टिमरनी/खिरकिया/टेमागांव

रविवार को अचानक बेमौसम बारिश और ओले के कारण गेहूं व चने की फसल को नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल तेज हवा के कारण आड़ी हो गई है। वहीं खेतों में कटी चने की फसल भी गीली हो गई। इसके बाद किसानों ने फसल के नुकसान के लिए सर्वे की मांग की है। राजस्व व कृषि विभाग की टीम सर्वे के कार्य में जुट गई है। प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर सर्वे करेगी।

क्षेत्र के किसान जयप्रकाश पटवारे, संदीप, बबलू यदुवंशी, दीपक राजपूत, संजू राजपूत ने बताया पिछले तीन साल से लगातार फसलें बेमौसम के कारण बर्बाद हो रही है।

इस बार भी बहुत अच्छी फसल लगी हुई थी, लेकिन ओले गिरने से फसल बर्बाद हो गई है। किसान पहले ही कर्ज के कारण परेशान है। किसानों का कहना है बारिश व ओले से गेहूं व चना की फसल के दाने पर असर पड़ेगा। गेहूं व चने का दाना काला पड़ सकता है। वहीं भावांतर योजना में भी राशि का भुगतान नहीं हुआ है।

मौसम की मार

ओले गिरने से फसल आड़ी पड़ी, तीन साल से किसान हंै परेशान

एसडीएम ने खिरकिया में दिए सर्वे के निर्देश

बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसल प्रभावित हुई है। इस प्राकृतिक प्रकोप से हुए नुकसान का सर्वे करने के निर्देश सोमवार को एसडीएम वीपी यादव ने जारी किए हैं। एसडीएम यादव ने सभी पटवारियों को अपने-अपने हल्कों के खेतों में पहुंचकर फसलों के नुकसान का सर्वे के निर्देश दिए हैं। सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार राहत राशि देने का काम किया जाएगा।

टेमागांव में आड़ी पड़ी फसल

क्षेत्र के टेमागांव, भादूगांव, कपासी, डोलरिया, उंद्राकच्छ समेत आसपास के क्षेत्र में रविवार को हुई बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं व चने की फसल को नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि 15 मिनट तक हुई बारिश में गेहूं की खड़ी फसल आड़ी हो गई। इससे फसलों को काफी नुकसान हुआ है। प्रशासन गेहूं व चने की फसल की नुकसानी का सर्वे करें।

रिपोर्ट बनाकर विभाग को भेजेंगे


हरदा-छीपानेर मार्ग पर जगह-जगह हुए गड्‌ढे ठेकेदार ने शुरू की मरम्मत

भास्कर संवाददाता|करताना

हरदा-छीपानेर मुख्य मार्ग पर जगह-जगह हुए गड्‌ढों की मरम्मत का कार्य ठेकेदार ने शुरू कर दिया है। 30 किमी लंबे मार्ग पर दिन-रात भारी वाहन जैसे ट्रक, बस और डंपरों की आवाजाही लगी रहती है। इससे मार्ग पर बड़े-बड़े गड्‌ढे हो गए, गड्‌ढों को देखते हुए ग्रामीणों की शिकायत के बाद ठेकेदार ने मरम्मत का कार्य किया है। ग्रामीण अनिल, रामजीवन ने बताया सड़क पर उभरे गड्‌ढों को भरने के लिए उनके चारों ओर लाइनिंग की गई है। साथ ही गड्‌ढों को भरा जा रहा है। लेकिन मार्ग अब जगह-जगह फूटने लगा है। ऐसे में मरम्मत करने के बजाए मार्ग का निर्माण किया जाए। जिससे कि लोगों को आवागमन में आसानी हो।