Hindi News »Madhya Pradesh »Timarni» घोड़ाडोंगरी के बांस से टिमरनी में बनी सामग्री दिल्ली में छोड़ेगी छाप

घोड़ाडोंगरी के बांस से टिमरनी में बनी सामग्री दिल्ली में छोड़ेगी छाप

वन विभाग के टिमरनी केंद्र में बांस से तैयार सामग्री अब देश की राजधानी दिल्ली में शहर की छाप छोड़ेगी। वन विभाग बैतूल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 17, 2018, 07:20 AM IST

घोड़ाडोंगरी के बांस से टिमरनी में बनी सामग्री दिल्ली में छोड़ेगी छाप
वन विभाग के टिमरनी केंद्र में बांस से तैयार सामग्री अब देश की राजधानी दिल्ली में शहर की छाप छोड़ेगी। वन विभाग बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी से लाए गए बांस से टिमरनी के कलाकारों से सामग्री तैयार करवा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में बांस से बनी सामग्री तीन केमिकल से तैयारी की जा रही है, जो 10 साल तक खराब नहीं होगी। यह सामग्री सौ रुपए से लेकर 10 हजार तक बिकेगी।

प्लास्टिक व कांच की सामग्री कुछ ही महीनों व वर्षों में खराब हो जाती है। इसके विकल्प के रूप में टिमरनी का वन उत्पाद मंडल बांस से बनी सामग्री तैयार करवा रहा है। जो प्रदेशभर में अपनी साख बनाने के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली में बिकेगी।

लोगों को बांस से बनी सामग्री की गुणवत्ता के लिए दिल्ली में 10 से 12 मार्च तक 3 दिनों तक प्रदर्शनी लगेगी। बंशी एम्पोरियम टिमरनी के प्रभारी गिरीश बिल्लौरे ने बताया बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी से मोटे बांस लाकर कारीगर मशीनों से सामग्री तैयार कर रहे हैं। यह सामग्री कम से 10 साल तक चलेगी। प्रदेश के इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर समेत अन्य सामग्री में लोगों द्वारा पसंद की जा रही है। अब दिल्ली में करीब 5 लाख की सामग्री को डिस्प्ले किया जाएगा।

10 साल चलेंगे तार फेंसिंग पोल

वन विभाग द्वारा घोड़ाडोंगरी और रानीपुर क्षेत्र के जंगलों से मोटे बांस लाए जा रहे हैं, जो सागौन की मोटी बल्ली के बराबर होते हैं। इसे विभाग तार फेंसिंग के लिए पोल बनाने में उपयोग कर रहा है। सीमेंट के एक पोल की कीमत लगभग 150 रुपए आती है। यह पोल मात्र 2 से 3 साल में ही खराब होने लगते हैं। कई जगहों से टूट जाते हैं। एक पोल के टूटने पर एकसाथ दो से तीन पोल को भी नुकसान होता है। जबकि बांस के 50 रुपए का पोल 10 साल तक चलेगा।

टिमरनी। केंद्र पर तैयार सामग्री दिखाते केंद्र प्रभारी गिरीश बिल्लौरे।

ये सामग्री हो रही तैयार

बांस से बैलगाड़ी, नाइट लैंप, घड़ी, फ्लावर पार्ट, पेन स्टैंड, मॉडर्न चाय सेट, टेबल लैंप, डाइनिंग टेबल, डस्टबिन, आरामदायक कुर्सी, सोफा सहित कई सामग्री टिमरनी व सोडलपुर के कलाकारों द्वारा बनाई जा रही है।

बोरिक एसिड, फॉरेक्स और बीसीबी से तैयार

बिल्लाैरे ने बताया कांच व प्लास्टिक कांच की सामग्री कुछ महीनों में खराब होने लगती है, लेकिन बांस से बनी सामग्री हमेशा सुंदर लगती है। इसे तैयार करने में तीन केमिकल का प्रयोग किया जा रहा है। इसमें बोरिक एसिड, फॉरेक्स और बीसीबी है। जिसके जरिए सुंदर व टिकाऊ सामग्री तैयार हो रही है। इसकी बिक्री से प्राप्त होने वाली आय से मजदूरों व नई मशीनों को खरीदा जा रहा है। जिससे कि गुणवत्ता व कार्य में तेजी आ सकें।

India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Timarni News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: घोड़ाडोंगरी के बांस से टिमरनी में बनी सामग्री दिल्ली में छोड़ेगी छाप
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Timarni

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×