• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Timarni News
  • लर्निंग ऑफ जाॅयफुल प्रोग्राम: बिजली के अभाव में 273 स्कूलों के बच्चे कैसे देखेंगे वीडियो
--Advertisement--

लर्निंग ऑफ जाॅयफुल प्रोग्राम: बिजली के अभाव में 273 स्कूलों के बच्चे कैसे देखेंगे वीडियो

विकासखंड के 273 में से एक भी सरकारी स्कूल में बिजली की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सरकारी स्कूलों में 1 अप्रैल से शुरू...

Danik Bhaskar | Mar 27, 2018, 08:30 AM IST
विकासखंड के 273 में से एक भी सरकारी स्कूल में बिजली की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सरकारी स्कूलों में 1 अप्रैल से शुरू होने वाला लर्निंग ऑफ जॉयफुल प्रोग्राम अधर में लटकता नजर आ रहा है। इसमें बच्चे कैसे एलईडी टीवी पर वीडियो देखेंगे। शिक्षा विभाग प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल के बच्चों को जोड़ने के लिए इसे कोर्स में शामिल किया है।

1 अप्रैल से शुरू हो रहे नए शिक्षा सत्र की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को बैठक वन विभाग के सभागृह में हुई। इस दाैरान गाड़ामोड़ के सरपंच गंगाराम गुर्जर ने कहा गर्मी में वैसे ही बच्चे स्कूल नहीं आते हैं, यदि शिक्षा विभाग को स्कूल लगाना है तो पहले स्कूलों की व्यवस्था सुधारनी होगी। शिक्षा विभाग स्कूलों को दोपहर की जगह सुबह 7 से 10 बजे तक लगाएं। जिससे बच्चों को परेशानी न हो और वे समय पर स्कूल पहुंच सकें। बैठक में जनपद अध्यक्ष निधि राजपूत, विधायक प्रतिनिधि बद्रीनारायण राजपूत, पार्षद गणेश राजपूत, बीआरसी भागवत सिंह कटारे सहित विकासखंड के स्कूलों के शिक्षक मौजूद रहे।

टिमरनी। बैठक में मौजूद शिक्षक व पदाधिकारी।

व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए

विधायक प्रतिनिधि बद्रीनारायण राजपूत ने कहा सरकारी स्कूलों में अव्यवस्थाओं के कारण लोग प्राइवेट स्कूलों का रूख कर रहे हैं। इस कारण बच्चों की कमी आ रही है। प्राइवेट स्कूलों को परमिशन देने वाला शासन ही है, ऐसे में इन पर भी रोक लगना चाहिए। आज सरकारी स्कूलों में शासन द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन चमक-दमक के कारण पालक बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, जबकि वहां का शिक्षा स्तर खोखला है।

प्रस्ताव के बाद समय में बदलाव कर सकते हैं


आखिर क्यों नहीं सुधर रही व्यवस्थाएं

जनपद अध्यक्ष निधि राजपूत ने कहा शिक्षा विभाग समय-समय पर लाखों रुपए से स्कूलों में व्यवस्था बना रहा है, इसके बाद भी आखिर स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार क्यों नहीं हो रहा है। सुधार के लिए जिम्मेदारों को आगे आना होगा। स्कूल की व्यवस्थाओं की देखरेख करनी होगी। असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करनी होगी। पुलिस-प्रशासन की मदद लेनी होगी।

वनांचल में हैंडपंप बंद होने से जलसंकट

बैठक में शिक्षकों ने बताया विकासखंड के रहटगांव के वनांचल में स्कूल संचालित हो रहे हैं। बारिश कम होने से यहां जलसंकट गहराने लगा है। स्कूलों में लगे कई हैंडपंपों ने दम तोड़ दिया है। ऐसे में गर्मी में स्कूल लगने पर बच्चों के लिए पीने का पानी तक नहीं मिलेगा। बच्चों को मध्यान्ह भोजन के बाद पानी पीने के लिए घर जाना होगा। ऐसे में स्कूल में बच्चों की संख्या लगातार कम होगी। शासन को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।