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नहीं है अग्निशमन यंत्र, पंजाब से आए हार्वेस्टरों का नहीं हो सका पंजीयन

पंजाब व हरियाणा से आए हार्वेस्टर संचालकाें ने क्षेत्र में गेहूं की कटाई शुरू कर दी है। लेकिन अाग को लेकर सावधानी...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 08:55 AM IST
पंजाब व हरियाणा से आए हार्वेस्टर संचालकाें ने क्षेत्र में गेहूं की कटाई शुरू कर दी है। लेकिन अाग को लेकर सावधानी नहीं बरती जा रही है। हार्वेस्टरों पर अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा दोनों प्रदेशों से आए हार्वेस्टरों का प्रशासन के पास कोई रिकार्ड नहीं है। इसके कारण दुर्घटना होने पर हार्वेस्टर संचालकों का आसानी से बता नहीं लगाया जा सकेगा। नियमानुसार एसडीएम में हार्वेस्टर संचालकों का पंजीयन होना चाहिए, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है।

गर्मी के मौसम में हार्वेस्टर से गेहूं कटाई के दौरान आग की आशंका बढ़ जाती है। हार्वेस्टर का निचला हिस्सा पत्थर से टकराते ही चिंगारी निकलती है और इससे खेत में लगी फसल आग पकड़ लेती है। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। पंजाब व हरियाणा से आए हार्वेस्टरों पर नियमानुसार अग्निशमन यंत्र होना चाहिए, ताकि आग पर काबू पाया जा सके। पिछले वर्षों में प्रशासन इन हार्वेस्टरों पर कार्रवाई कर अग्निशमन यंत्र की शर्त के साथ एसडीएम कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराते थे। लेकिन इस बार अब तक हार्वेस्टरों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका है। राजस्व व पुलिस विभाग ने अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।

8 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ मिल रहा उत्पादन

क्षेत्र में खेतों में पककर तैयार गेहूं की कटाई जोर- शोर से शुरू हो गई है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार क्षेत्र में 8 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ तक किसानों को गेहूं का उत्पादन मिल रहा है। किसान प्रेमनारायण भाटी ने बताया उन्होंने 15 अक्टूबर को बोवनी की थी। इसमें उन्हें 20 बोरा प्रति एकड़ का उत्पादन मिला है। हार्वेस्टर संचालक 20 क्विंटल टैंक का 750 रुपए ले रहे हैं। वहीं 20 क्विंटल से कम वाले टैंक का 700 रुपए वसूल रहे हैं।