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महिला बोली: साहब... मांगंे तो मान ली जाएंगी पर दवा तो दे दो, नहीं तो तकलीफ बढ़ जाएगी

शहर में शुक्रवार का दिन धरना, विरोध प्रदर्शन व इस्तीफे के नाम रहा। दो मांगें मनवाने 5 दिन से हड़ताल पर डटे संविदा...

Dainik Bhaskar

Feb 24, 2018, 09:20 AM IST
महिला बोली: साहब... मांगंे तो मान ली जाएंगी पर दवा तो दे दो, नहीं तो तकलीफ बढ़ जाएगी
शहर में शुक्रवार का दिन धरना, विरोध प्रदर्शन व इस्तीफे के नाम रहा। दो मांगें मनवाने 5 दिन से हड़ताल पर डटे संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने सामूहिक इस्तीफे सौंपे। भारतीय किसान संघ ने 22 मांगों को लेकर मंडी में धरना दिया। मप्र सहकारिता कर्मचारी संघ ने भी अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल शुरू कर दी। संविदा अधिकारी, कर्मचारी महासंघ ने रक्तदान कर विरोध जताया। 3 जगह विरोध प्रदर्शनों के कारण पुलिस प्रशासन को व्यवस्था बनाने के लिए खासी मशक्कत करना पड़ी।

हड़ताल से बंद हुए पंजीयन नहीं मिल रहा राशन

4 मांग पूरी कराने सहकारिता कर्मचारियों ने भी हड़ताल शुरू कर दी। शुक्रवार को भी गेहूं चने के लिए किसान पंजीयन कराने परेशान होते रहे। गांवों में राशन दुकानें नहीं खुलीं। सुभाष पवार ने बताया कलमबंद अनिश्चितकालीन हड़ताल है। सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो आगे क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे। बाद में अन्न का त्याग कर उग्र आंदोलन करेंगे। अगले चरण में भिक्षावृत्ति, मुंडन कराकर विरोध जताएंगे। हड़ताल के कारण सरकार ने पंजीयन की तारीख 28 फरवरी कर दी है।

टीबी की दवा लेने के लिए धरना स्थल पर पहुंची महिला

हड़ताल के दौरान रहटां की ज्योति नामक महिला गोद में बच्ची को लेकर हड़ताल स्थल पहुंची। महिला ने टीबी की दवा मांगी। कर्मचारी बोले हड़ताल है। महिला हाथ जोड़कर बोली साहब आज नहीं तो कल आपकी मांग पूरी हो जाएगी, लेकिन बिना दवा के मेरी तकलीफ बढ़ जाएगी। तब मानवता के नाते कर्मचारी ने उन्हें दवा दी। 25 फरवरी को संविदा कर्मी विशाल रैली निकालेंगे।

सोशल मीडिया पर निकाली भड़ास, 153 ने दिए इस्तीफे

संविदा स्वास्थ्य कर्मी नियमितिकरण व पूर्व निकाले गए कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहे। सभी ने भाजपा संविदा विरोधी, हमारी भूल कमल का फूल जैसे नारे लिखी टोपियां पहन रखी थीं। ये नारे सोशल मीडिया पर भी 3 दिन से खूब चल रहे थे। संघ के जिलाध्यक्ष केके राजोरिया ने बताया हनुमान मंदिर से सीएमएचओ ऑफिस तक रैली निकाली। रक्तदान कर सामूहिक इस्तीफे सौंपे।

22 मांगें मनवाने भाकिसं का मंडी में प्रदर्शन

लंबित 22 मांगों के लिए भाकिसं ने मंडी में दोपहर 12 बजे से धरना दिया। संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन दिया। एडीएम से प्रतिनिधिमंडल ने बिंदूवार चर्चा की। संघ ने उपज का लागत आधारित लाभकारी मूल्य देने, भावांतर में चना 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के मान से खरीदने, 1 मार्च से खरीदी शुरू करने, समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदने व 11 फरवरी की आेलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे कराकर बीमा दिलाने की मांग की। भावांतर में समर्थन मूल्य ने नीचे बोली लगाकर होने वाली खरीदी बंद करने, खरीफ सीजन की भावांतर राशि किसानों के खाते में जमा कराने, टिमरनी की क्रय-विक्रय समिति द्वारा खरीदी मूंग का भुगतान व दोषियों पर कार्रवाई, समर्थन मूल्य खरीदी का भुगतान 3 दिन में करने, फसल बीमा की बैठकों में संघ प्रतिनिधियों को बुलाने, नहरों की लाइनिंग, ओवर लोड ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने व बीज अनुदान राशि खाते में ट्रांसफर करने की मांग की। इस दौरान लोकेंद्र तिवारी, नरेंद्र दोगने, एआर किरार, बीडी गौर, विनोद पाटिल, आनंद पटेल आदि मौजूद रहे।

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