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छात्राओं ने 1 घंटे किया राज्य महिला आयोग टीम का इंतजार, नहीं आईं तो घर चली गईं

सरकारी कॉलेज की छात्राओं की जागरूकता के लिए बुधवार काे जागरूकता कार्यक्रम रखा गया था। छात्राओं ने एक घंटे तक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 15, 2018, 10:15 AM IST

सरकारी कॉलेज की छात्राओं की जागरूकता के लिए बुधवार काे जागरूकता कार्यक्रम रखा गया था। छात्राओं ने एक घंटे तक राज्य महिला आयोग की सदस्य का इंतजार किया, लेकिन वह नहीं आईं तो छात्राएं घर चली गईं। डेढ़ घंटे बाद आयोग की सदस्य कॉलेज पहुंचीं, लेकिन छात्राएं नहीं मिलीं तो वे उल्टे प्राचार्य पर ही भड़क गईं और नाराजगी जताते हुए कॉलेज से वापस लौट आईं।

शासकीय स्नातक महाविद्यालय में राज्य महिला आयोग सदस्य गंगा उइके का छात्राओं से संवाद कार्यक्रम बुधवार दोपहर 2 बजे रखा गया था। छात्राओं ने दोपहर 3 बजे तक उनका इंतजार किया, लेकिन जब वे नहीं पहुंचीं तो छात्राएं निराश होकर घर चली गईं। इसके बाद आयोग सदस्य 3.30 बजे कॉलेज पहुंचीं। जैसे ही उन्हें इसका पता चला तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की। छात्राओं के नहीं मिलने पर थाेड़ी देर रुकने के बाद ही भड़कते हुए वहां से चली गईं। इस दौरान जिला महिला सखी सदस्य विनीता मौर्य, टिमरनी सखी मंडल सदस्य संगीता चंदेल, खिरकिया सखी मंडल सदस्य आभा तिवारी, हरदा-हंडिया सदस्य कमला सोनी, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी डॉ. राहुल दुबे मौजूद रहे।

टिमरनी। कॉलेज में नाराजगी जाहिर करतीं आयोग सदस्य।

टिमरनी। छात्रावास में छात्राओं से चर्चा करते हुए।

काफी समय तक इंतजार करना पड़ा

छात्राओं ने काफी समय तक इंतजार किया। तेज गर्मी में छात्राओं को चक्कर आने लगे। उन्हें रोकने की कोशिश भी की, लेकिन वे नहीं रुकीं। -डॉ. आरके पाटिल, प्राचार्य, जीएसीसी, टिमरनी

वे आपका नहीं तो किसका कहना मानेंगी

आयोग सदस्य गंगा उइके ने प्राचार्य डॉ. आरके पाटिल को नाराजगी जताते हुए कहा उन्हें छात्राओं से उनके हित में बात करना थी, आपको उन्हें रोककर रखना था। जब छात्राएं आपका ही कहना नहीं मान रहीं, तो किसका कहना मानेंगी। आखिर उनके हित में जागरूकता कार्यक्रम होना था, जिससे उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके।

छात्रावास में वार्डन नहीं मिलने से भड़कीं सदस्य

राज्य महिला आयोग की सदस्य कॉलेज के बाद शासकीय कन्या छात्रावास का निरीक्षण करने पहुंचीं। यहां की छात्राओं से चर्चा की। जब छात्रावास का निरीक्षण किया तो छात्रावास की वार्डन नहीं मिलीं। छात्राओं ने बताया मैडम हर शनिवार और रविवार को ही छात्रावास में रहती हैं। इस पर महिला आयोग सदस्य नाराजगी जताते हुए भड़क गईं। इसके बाद उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया।

रोकने की कोशिश की, लेकिन नहीं रुकीं

कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरके पाटिल ने बताया बताया छात्राएं सुबह 10 बजे कॉलेज आती हैं। दोपहर 2 बजे कार्यक्रम होना था, इसके लिए छात्राओं ने दोपहर 3 बजे तक आयोग की सदस्य का इंतजार किया, उन्हें रोकने की भी कोशिश की गई, लेकिन वे नहीं रुकीं और घर चली गईं। आयोग की सदस्य दोपहर 3.30 बजे कॉलेज पहुंचीं।

छात्राओं की जागरूकता के लिए कार्यक्रम था, उनसे चर्चा कर समस्या जाननी थी, लेकिन वे नहीं मिलीं। हम संस्था के माध्यम से मामला ऊपर तक ले जाएंगे, आयोग की अवहेलना की गई है। गंगा उइके, सदस्य, राज्य महिला आयोग

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