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राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिभाएं मैदान की कमी से नहीं कर पा रहीं प्रैक्टिस

नगर समेत क्षेत्र में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है, कमी है तो बस खेल मैदान की कमी।...

Dainik Bhaskar

Apr 19, 2018, 05:00 AM IST
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिभाएं मैदान की कमी से नहीं कर पा रहीं प्रैक्टिस
नगर समेत क्षेत्र में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है, कमी है तो बस खेल मैदान की कमी। इससे वे खेलों की प्रैक्टिस नहीं कर पा रहे हैं। मैदान नहीं होने से खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने में काफी परेशानी आ रही है। खेल प्रतिभाओं ने अपनी मेहनत और काबिलियत से नगर का नाम रोशन किया है। लेकिन खेल मैदान की कमी हमेशा खलती है। खिलाड़ी नगर में खेल मैदान की मांग लंबे समय कर रहे हैं, लेकिन यह आज भी अधूरी ही है।

टिमरनी में राष्ट्रीय स्तर और प्रादेशिक स्तर के आयोजन होते रहते हैं। लेकिन खेल मैदान की कमी हमेशा आती है। इस कारण हमेशा निजी भूमि स्वामियों की अनुमति लेना पड़ती है। खिलाड़ियों के लिए स्कूलों में छोटे ग्राउंड हैं, लेकिन आए दिन होने वाले विवादों और शाम के समय स्कूलों के बंद होने के कारण खिलाड़ी प्रैक्टिस नहीं कर पाते। वहीं अल सुबह भी स्कूल में ताला बंद रहने से उनकी परेशानी जस की तस बनी रहती है। अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रशिक्षक रितेश तिवारी ने बताया खेल प्रतिभाओं के निखार के लिए ग्राउंड का होना बेहद जरूरी है। नेशनल गोल्ड मैडल विजेता मना मंडलेकर का कहना है शहर में खिलाड़ियों के लिए एकमात्र प्रैक्टिस स्थल गर्ल्स स्कूल मैदान है, लेकिन वहां भी कई बार विवादों के कारण खिलाड़ी प्रैक्टिस नहीं कर पाते हैं। वर्तमान समय में अनुमति तो है, लेकिन ग्राउंड छोटा होने से परेशानी बनी हुई है।

टिमरनी। खेल मैदान की कमी के कारण छोटे मैदान पर प्रैक्टिस करते खिलाड़ी।

प्रशासन से जमीन मांगी जा रही है


स्पर्धा कराने में परेशानी आती है


बच्चों की छुट्टियां होने से बढ़ी भीड़

कबड्डी कोच मुबारिक शाह ने बताया खेल मैदान की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जल्द ही स्कूली बच्चों की छुटिट्यों का दौर शुरू होने वाला है, ऐसे में मैदान पर बच्चे भी कबड्डी, क्रिकेट, कराटे, फुटबॉल मैच खेलने के लिए आएंगे, लेकिन मैदान की कमी होने से परेशानी आएंगी। ऐसे में कन्या शाला और राधास्वामी स्कूल मैदान ही प्रैक्टिस करनी होगी।

भुस्कुटे ग्राउंड पर होती हैं प्रतियोगिताएं

नगर में खेल मैदान नहीं होने से जब भी राष्ट्रीय व प्रादेशिक स्तर का आयोजन होता है तो लोगों का मुंह ताकना पड़ता है। राष्ट्रीय स्तर के आयोजन हमेशा हरदा- होशंगाबाद रोड स्थित भुस्कुटे ग्राउंड पर होते हैं, लेकिन निजी जमीन होने से हर बार उनकी अनुमति लेनी होती है। हालांकि उनके द्वारा जरूरत पड़ने पर हमेशा मदद की जाती है, लेकिन फिर भी खिलाड़ियों के लिए नगर पंचायत और प्रशासन को ग्राउंड की व्यवस्था तो करना ही चाहिए।

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