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राशन बांटने लगी पीओएस मशीन हो जाती हैं बंद, लोग व दुकानदार परेशान

Bhaskar News Network | Last Modified - May 13, 2018, 05:20 AM IST

राशन बांटने लगी पीओएस मशीन हो जाती हैं बंद, लोग व दुकानदार परेशान
मांगी 83 नई पीओएस मशीन, मिली 7

225 दुकानों के लिए मशीनों की मांग

भास्कर संवाददाता | सोडलपुर

टिमरनी विकासखंड में संचालित हो रही राशन दुकानों में लगी पीओएस मशीन मात्र दो घंटे ही काम करती है। इसके बाद लिंक गायब हो जाती है। इस कारण रोज दुकानदार व उपभोक्ताओं काे परेशान होना पड़ता है। मशीनों की खराबी से विभाग भी परेशान है। विभाग ने विकासखंड की 83 दुकानों में मशीन के लिए डिमांड भेजी, लेकिन मिली मात्र 7 मशीन ही मिलीं।

विभागीय जानकारी के अनुसार जिले की 225 राशन दुकानों के लिए डिमांड भेजी गई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की राशन दुकानों पर पीओएस मशीन के जरिए ही राशन वितरण होता है। लेकिन पीओएस मशीनें ही खराब हो गई हैं। कई दुकानों पर मशीनें काम नहीं कर रहीं, जहां काम कर रही हैं, वहां दो घंटे से अधिक तक लिंक नहीं मिलती। इसके बाद बंद मशीनों से खाद्यान्न वितरण नहीं किया जाता है। इससे दुकानदारों को उपभोक्ताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग ने शासन से जिले की 225 खाद्यान्न दुकानों के लिए नई पीओएस मशीनें मांगीं, लेकिन मिली मात्र 35 मशीनें। इसमें से टिमरनी को मात्र 7 मशीनें मिल पाई हैं। इससे खाद्यान्न वितरण में दुकानदारों को परेशानी हो रही है। गरीब उपभोक्ताओं को भी समय पर राशन नहीं मिल रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक नई मशीनें पहले वाली मशीनों से छोटी हैं। नई मशीन 7 घंटे तक काम करेगी। इससे समय पर खाद्यान्न वितरण हो सकेगा।

विकासखंड में 83 दुकानें संचालित हो रही हैं। अभी विभाग ने सात नई मशीनें दी हैं। जिन्हें शहर की दुकानों पर लगाया है। जैसे ही नई मशीनें आएंगी दुकानों पर पहुंचा दिया जाएगा। आपूर्ति पटेल, खाद्य अधिकारी टिमरनी

सोडलपुर। मशीन चेक करते हुए अधिकारी।

खिरकिया| जिलेभर की 44 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां एक भी राशन दुकान नहीं है। इस कारण गरीब बीपीएल परिवार के लोगों को राशन के लिए एक गांव से दूसरे गांव जाना पड़ता है। पिछले दिनों खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 125 पंचायतों में राशन दुकान आवंटन के लिए आवेदन भी आमंत्रित किए थे, लेकिन विभाग की प्रक्रिया इतनी धीमी है अब तक एक भी पंचायत में राशन दुकान नहीं खुल पाई है। खाद्य विभाग ने जिलेभर में 125 ग्राम पंचायतें चिन्हित की हैं, जहां राशन दुकानें खोली जाना हैं। इसमें 44 ऐसी हैं जहां एक भी राशन दुकान नहीं है। जबकि शेष स्थानों पर एक से अधिक राशन दुकानों की आवश्यकता है। परंतु विभागीय प्रक्रिया की गति धीमी होने से आज भी ग्रामीणों को राशन के लिए दूसरी ग्राम पंचायतों में जाना पड़ रहा है।

जिले में अब तक नहीं खुल पाईं 125 नई राशन दुकानें

यहां आज तक नहीं खुली राशन दुकान

खिरकिया जनपद के तहत आने वाले ग्राम कानपुरा, कालधड़, काल्याखेडी़, कालकुंड, कड़ोला राघव, मुहाड़िया, रामपुरा, सक्तापुर, सांवलीखेड़ा, सारसूद, छुरीखाल, जयमलपुरा, डगावांमाल, आमाखाल और लोलांगरा में अभी तक एक भी राशन दुकान नहीं खुली। हरदा के सामरधा, सुरजना, हनीफाबाद, बीड़, बैरागढ़ सहित अन्य कुछ गांव ऐसे हैं जहां एक भी राशन दुकान नहीं है।

अब तक ऑनलाइन 79 आवेदन आए हैं। जून माह में नई दुकानें खुलने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। एसडीएम के यहां भी आवेदन भेजे जाते हैं। इस कारण देरी हो रही है। ओपी पांडे, जिला खाद्य अधिकारी, हरदा

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