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मालगाड़ी में रैक लगने व सुपरफास्ट गाड़ियों को निकालने से 3 घंटे बंद रहा डबल फाटक

रेलवे के डबल फाटक के बंद होने से सोमवार को लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गेहूं की रैक लगने और...

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 05:35 AM IST
रेलवे के डबल फाटक के बंद होने से सोमवार को लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गेहूं की रैक लगने और सुपरफास्ट गाड़ियों को निकालने के लिए रेलवे प्रबंधन ने मालगाड़ी को डबल फाटक पर खड़ा कर दिया। इस कारण करीब 3 घंटे तक डबल फाटक बंद रहा। मजबूरी में लोग मालगाड़ी के नीचे से ही जान जोखिम में डालकर निकले। वहीं बड़े वाहन चालकों को तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

नगर की प्रमुख समस्याओं में से एक रेलवे डबल फाटक का बार-बार बंद होता है। मंगलवार को मालगाड़ी के डबल फाटक पर खड़ा रहने से सुबह 7 से 10 बजे तक बंद रहा। गेहूं की रैक लगने से एक घंटे और सुपरफास्ट गाड़ियों के निकालने के लिए 2 घंटे का समय लगा। इस दौरान ताप्ती गंगा एक्सप्रेस, दादर-बरेली, कर्नाटका एक्सप्रेस, पुष्पक, साकेत एक्सप्रेस निकाली। इस कारण रेलवे फाटक पार करने में लोगों को इंतजार करना पड़ा। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी रेलवे पार वार्ड के रहवासियों को आई। उन्हें आए दिन फाटक बंद होने से पटरी पार कर ही आवागमन करना पड़ रहा है।

टिमरनी। रेलवे फाटक पर खड़ी बारातियों की बस। मालगाड़ी के नीचे से निकलती महिलाएं।

बायपास पर भरा रहता है पानी

लोगों ने बताया फाटक के बंद होने पर हम बायपास का सहारा लेते है। लेकिन यहां से सिर्फ बाइक ही निकल सकती है। बड़े वाहन जगह की कमी के कारण नहीं निकल पाते है तो पैदल यात्रियों का भी निकलना मुश्किल है। हमेशा बायपास पर पानी भरा रहता है। इस कारण जरा सी लापरवाही होने पर वाहन चालक फिसलकर घायल हो जाते हैं। इस ओर भी नगर परिषद व रेलवे का ध्यान नहीं है। ऐसे में लोग ओवर ब्रिज व अंडर ब्रिज बनाने की मांग कर रहे हैं।

बाराती भी करते रहे इंतजार

रेलवे फाटक के बंद होने के कारण बारातियों को भी परेशानी हुई। दूल्हे के पिता नारायण सिंह ने बताया वह भीलट देव से बारात लेकर आए हैं, लेकिन गेट बंद होने से सारे यात्री खड़े रहे। वहीं शुभम बिल्लोरे ने बताया वह अपनी बारात खंडवा से लेकर आए हैं, जितना समय हमें खंडवा से टिमरनी तक नहीं लगा, उससे ज्यादा समय फाटक बंद होने से लगा। वहीं एक बारात नौसर से छनेरा जा रही थी। उसे भी रेलवे गेट होने बंद होने के कारण उस पार ही खड़ा रहना पड़ा। बारातियों को लगभग 2 घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

मालगाड़ी के नीचे से निकली महिलाएं

3 घंटे डबल फाटक के बंद रहने के कारण रेलवे पार वार्ड के रहवासी मालगाड़ी के नीचे से निकलते नजर आए। महिलाएं भी मजदूरी के लिए जा रही थी, फाटक बंद होने से वे भी मालगाड़ी के नीचे से निकली। ऐसे में किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों को रोकने के लिए रेलवे पुलिस का अमला भी मौजूद नहीं रहा। इस लापरवाही के कारण हादसे की आशंका रहती है।