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51 साल बाद गंगाघाट पर भागवत, भक्तों ने मौनी बाबा की समाधि के दर्शन किए

Ujjain News - उज्जैन | शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद तीर्थ ने मौन तीर्थ पीठ में कथा सुनने आए श्रद्धालुओं से कहा- जिस भावना से आप...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 05:06 AM IST
Ujjain News - 51 years later bhagwat on the gangaghat visited the mausoleum of mauni baba
उज्जैन | शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद तीर्थ ने मौन तीर्थ पीठ में कथा सुनने आए श्रद्धालुओं से कहा- जिस भावना से आप कथा सुनेंगे, वह अवश्य पूरी होगी। इसके लिए एकाग्रता जरूरी है।

मौन तीर्थ पीठ गंगाघाट पर शनिवार से श्रीमद् भागवत कथा शुरू हुई। इसके पहले भागवतजी की शोभायात्रा निकाली गई। मौन तीर्थ पीठाधीश्वर संतश्री डॉ. सुमनभाई सिर पर श्रीमद् भागवत महापुराण धारण कर चले। शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद तीर्थ ने मौनीबाबा की समाधि के दर्शन कर कथा की शुरुआत की। कथा रोज दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक होगी। कथा की शुरुआत में संत सुमनभाई एवं डॉ. अर्चना सुमन ने स्वामी दिव्यानंद तीर्थ के चरण पखारे तथा भागवत का पूजन किया। संत सुमनभाई ने इस अवसर पर कहा 51 साल पहले गंगाघाट पर श्रीमद् भागवत कथा हुई थी।

शंकराचार्यजी ने कथा में कहा- कथा सुनने से भगवान का दर्शन जरूर होता है। वेद व्यास व्यासजी ने लोक कल्याण के लिए सबसे ज्यादा काम किया था। ऋषि मुनि बिखरे हुए थे, उनको व्यासजी ने एकत्र करने का काम किया था। कथा के माध्यम से लोगों को एक-दूसरे के समीप लाया जा सकता है। जनसंपर्क अधिकारी दीपक राजवानी के अनुसार संत सुमनभाई व डॉ. अर्चना सुमन के सानिध्य में शंकराचार्यजी से कथा सुनने के लिए कई श्रद्धालु मौजूद थे। कथा में विशेष तौर पर भगवान शर्मा, भारत भूषण शर्मा, वैभव शर्मा, जियालाल शर्मा, श्याम माहेश्वरी, सरोज अग्रवाल मौजूद थे। संचालन कैलाश विजयवर्गीय ने किया।

मौन तीर्थ गंगाघाट पर भागवत कथा का वाचन करते शंकराचार्य।

कथा से लोगों को एक-दूसरे के पास लाया जा सकता

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