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येलो कार्ड मतलब चेतावनी, ब्लैक मतलब रासुका थानों में अब गुंडों की रंगीन कार्ड से होगी पहचान

Ujjain News - पहला अपराध होने पर येलो कार्ड यानी चेतावनी और चार से ज्यादा अपराध पर ब्लैक कार्ड यानी रासुका लगेगी। गुंडों को अब...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 06:00 AM IST
येलो कार्ड मतलब चेतावनी, ब्लैक मतलब रासुका थानों में अब गुंडों की रंगीन कार्ड से होगी पहचान
पहला अपराध होने पर येलो कार्ड यानी चेतावनी और चार से ज्यादा अपराध पर ब्लैक कार्ड यानी रासुका लगेगी। गुंडों को अब पुलिस अपराध संख्या के अनुसार चार रंग के कार्ड देगी। उन्हें समझाइश दी जाएगी कि अपराध के तौबा कर लो। नहीं माने तो अपराध के अनुसार तो कार्रवाई होगी ही पुलिस उन्हें जिलाबदर और रासुका की कार्रवाई के लिए भी चुन लेगी। जिले के सभी थानों में इसके लिए 15 से 20 मार्च तक अभियान चलाया जाएगा। जिले में अपराध नियंत्रण के लिए एसपी के पवित्र अभियान के बाद अब सभी थानों पर गुंडे-बदमाशों का सम्मेलन होगा। इस सम्मेलन के दौरान बदमाशों को उनके अपराध के मुताबिक कलर कार्ड दिया जाएगा। मनोवैज्ञानिक तरीके से बदमाशों को अपराध के परिणाम और कानून की जानकारी देकर अपराध से दूर रहने की हिदायत दी जाएगी। सम्मेलन में सभी बदमाशों का आना जरूरी होगा। जो बदमाश नहीं आएगा वो पुलिस की वांटेड लिस्ट में शामिल हो जाएगा। एसपी सचिन अतुलकर ने बताया 15 से 20 मार्च के बीच जिले के सभी थानों पर यह सम्मेलन आयोजित कराया जाएगा। पिछले पांच सालों के जितने भी अपराध हुए है उनमें शामिल बदमाशों का रिकार्ड देखकर उन्हें आईडी कार्ड की तरह पीला,नीला लाल और काला कार्ड दिया जाएगा। एक तरह से ये कार्ड अपराध की दुनिया में उनकी पहचान तय करेगा। जिनके एक भी अपराध है उन्हें पीला कार्ड दिया जाएगा। दूसरा अपराध करने वाले को समझाइश दी जाएगी। दो अपराध के बाद जैसे ही किसी ने तीसरा अपराध किया। इसके बाद उसे सीधे रेड कार्ड देकर जिलाबदर कर दिया जाएगा। चार अपराध करने वाले को ब्लेक कार्ड और अंतिम बार समझाईश दी जाएगी। चार अपराध के बाद यदि किसी बदमाश पर प्रकरण दर्ज होता है तो अपराध की प्रकृति देखकर उस पर रासुका की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के इस अभियान में जिले के लगभग 10 हजार अपराधी प्रभावित होंगे। हालांकि जो गुंडागर्दी में सक्रिय नहीं है उन पर इसका कोई असर नहीं होगा। लेकिन एक अपराध के बाद भी जो सक्रिय हुआ उस पर सीधी कार्रवाई होगी। एसपी अतुलकर का ऐसा मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अपराधों पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा। बदमाशों में कानून का भय पैदा होगा, जिससे शहर को होने वाले अपराधों पर रोक लगेगी तथा नागरिकों को भी राहत मिलेगी। पुलिस के पास गुंडों का अपडेट डाटा होगा, जिससे वे उनकी गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे।

पुलिस का प्लान

15 से 20 मार्च तक थानों में गुंडों को बुलाएंगे, कार्ड देकर समझाएंगे- अपराध छोड़ दो

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