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दलित साहित्य अकादमी में संगोष्ठी का समापन

दलित साहित्य अकादमी में संगोष्ठी का समापन उज्जैन | पं. दीनदयाल उपाध्याय एक अर्थ में भारतीय राजनीति के साधक थे।...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 06:00 AM IST
दलित साहित्य अकादमी में संगोष्ठी का समापन

उज्जैन | पं. दीनदयाल उपाध्याय एक अर्थ में भारतीय राजनीति के साधक थे। उनका मानना था कि जब तक अंत्योदय यानी अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का संपूर्ण विकास नहीं हो जाता जब तब राष्ट्र के पुनर्निर्माण का सपना अधूरा है। यह बात शोषित समाधान केंद्र दानापुर के प्राचार्य डॉ. आरयू खान ने मप्र दलित साहित्य अकादमी में वर्तमान भारतीय परिप्रेक्ष्य में पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों की प्रासंगिकता विषय पर दो दिनी राष्ट्रीय के समापन अवसर पर कही। अतिथि उद्योगपति डॉ. राजेंद्र जैन थे। संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों में 30 शोध-पत्रों का वाचन किया गया। संचालन अकादमी सचिव पीसी बैरवा ने किया। आभार अध्यक्ष डॉ. एचएम धवन ने माना।