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हस्ताक्षर के एवज में ठेकेदार से मांगी रिश्वत, बेटी के सामने 10 हजार की घुस लेते निगम का असिस्टेंट इंजीनियर गिरफ्तार

नगर निगम के असिस्टेंट इंजीनियर व पीपलीनाका जोन के जोनल अधिकारी चंद्रकांत शुक्ला को बुधवार शाम 5 बजे लोकायुक्त ने...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 07:40 AM IST
नगर निगम के असिस्टेंट इंजीनियर व पीपलीनाका जोन के जोनल अधिकारी चंद्रकांत शुक्ला को बुधवार शाम 5 बजे लोकायुक्त ने जोन के बाहर कार में दस हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ लिया। शुक्ला ने ठेकेदार से भुगतान फाइल पर साइन के एवज में दो प्रतिशत कमीशन मांगा था। ठेकेदार ने लोकायुक्त को शिकायत कर दी और जोन के बाहर ही उस समय उन्हें ट्रेप करवा दिया जब वह बेटी के साथ मंदिर से दर्शन कर आफिस आकर रुके ही थे।

असिस्टेंट इंजीनियर चंद्रकांत शुक्ला को परवाना नगर निवासी ठेकेदार अभिजीत पिता बहादुरसिंह की शिकायत पर लोकायुक्त ने ट्रेप किया। बुधवार शाम को शुक्ला कार में बेटी नुपूर व उसकी फ्रेंड को दर्शन करवाने के बाद मंगलनाथ से पीपलीनाका जोन पर आकर रुके थे। यहां कार में ही उन्होंने ठेकेदार से दस हजार रुपए लिए व गाड़ी के डेस्क बोर्ड पर जैसे ही रखे लोकायुक्त डीएसपी वेदांत शुक्ला व डीएसपी शैलेन्द्र सिंह ठाकुर ने असिस्टेंट इंजीनियर शुक्ला से कहा- आप रिश्वत लेते ट्रेप हो गए, बाहर आ जाइए। इसके बाद मौके पर भीड़ लग गई। डेढ़ घंटे तक लोकायुक्त ने जोनल अफसर के आफिस में ही कार्रवाई पूरी की व शुक्ला को 25 हजार के मुचलके पर रिहा किया। ठाकुर ने बताया मामले में जांच कर आगे कार्रवाई की जाएगी।

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निगम अध्यक्ष का फेसबुक पर पोस्ट- असली स्वच्छता अभियान

रात 8 बजे निगम अध्यक्ष सोनू गेहलोत ने फेसबुक पर पोस्ट कर निगम में निर्माण कार्यों को लेकर कमीशनखोरी पर सवाल उठाया, पढ़िए उन्होंने क्या लिखा- स्वच्छता महाभियान की सर्वे टीम कल ही शहर से रवाना हुई और आज नगर निगम उज्जैन में एक और स्वच्छता अभियान की शुरुआत हो गई। निर्माण कार्यों के एवज में कमीशनखोरी का धंधा निगम में सालों से चल रहा है, इस कारण गुणवत्ता अपने न्यूनतम स्तर पर है। एक लाख रुपए का निर्माण कार्य 50-60 हजार रुपए में ही हो रहा है। शासकीय धन का उपयोग बेतरतीब तरीके से हो रहा है। इसमें ठेकेदारों की भी गलती है। वे गुणवत्ता वाला कार्य क्यों नहीं करते हैं? कुछ ठेकेदार जो एसोसिएशन चलाते हैं, वे खुद अधिकारियों की दलाली कर रहे हैं। ठेकेदार अभिजीत ने प्रशंसनीय कार्य किया है, अन्य लोगों को भी आगे आना चाहिए। जिम्मेदारों को भी भ्रष्टों का बचाव करने से बचना चाहिए।

दो फीसदी कमीशन मांगा था

फरियादी अभिजीत ने बताया 2017 में धन्वंतरी उद्यान को विकसित करने के लिए 3.95 लाख का ठेका मिला था। काम पूरा होने के बाद अक्टूबर से भुगतान के लिए परेशान हो रहा था। शुक्ला फाइल को साइन कर आगे बढ़ाने को तैयार नहीं थे। वह बोले ठेके की राशि का दो प्रतिशत कमीशन मुझे दो। मैं दस हजार रुपए देने को राजी हुआ व लोकायुक्त को शिकायत कर दी।

अध्यक्ष बोलीं-मेरा नाम कैसे लिया

जोन अध्यक्ष विनिता शर्मा के नाम से किसी वाट्सएप पर यह लिख दिया कि शुक्ला ने रिश्वत जोन अध्यक्ष के कहने पर ली। जोन अध्यक्ष शर्मा जोनल अफसर के कक्ष में पहुंच गई जहां कार्रवाई चल रही थी। शुक्ला से कहा कि तुमने मेरा नाम कैसे लिया। शुक्ला बोले मैं हाथ जोड़ता हूं, मैंने आपका नाम नहीं लिया। शर्मा ने कहा मेरा नाम रिश्वत में जोड़ा तो मानहानि का दावा करुंगी।