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महाकाल में आज संध्या आरती बाद होलिका दहन, उड़ेगा रंग और गुलाल

फाल्गुन शुक्ल की पूर्णिमा पर गुरुवार को ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सबसे पहले गोधूलि बेला में होली पर्व मनाया...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 07:40 AM IST
फाल्गुन शुक्ल की पूर्णिमा पर गुरुवार को ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सबसे पहले गोधूलि बेला में होली पर्व मनाया जाएगा। संध्या आरती में रंग-गुलाल उड़ेगा। भक्त महाकाल के साथ होली खेलेंगे। संध्या आरती बाद होली जलेगी व मंदिर प्रांगण में गायक भोपूजी की भजन संध्या होगी।

महाकाल मंदिर के साथ शहरभर में होली सजाई जाएगी। प्रदोषकाल में महिलाएं होलिका का पूजन करने उमड़ेगी। 2 मार्च को तड़के 4 बजे ब्रह्म मुहूर्त में होलिका का दहन किया जाएगा। पुराने शहर में सबसे प्राचीन सिंहपुरी क्षेत्र में 5 हजार कंडों की होली सजेगी। संतोषी माता मंदिर में होलिका की गोद में भक्त प्रहलाद की झांकी सजाई जाएगी। महाकाल मंदिर के पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया सबसे पहले संध्या आरती में पंडे-पुजारी भगवान महाकाल को शृंगारित कर शकर की माला पहनाकर रंग-गुलाल व फूलों की पंखुडिय़ां उड़ाकर होली पर्व की शुरुआत करेंगे। पुजारी आशीष गुरु ने बताया आरती बाद प्रांगण में लकड़ी-कंडों से सजी होली का मंत्रोच्चार से पूजन कर दहन किया जाएगा। पुजारी बबलू गुरु ने बताया होली के अवसर पर प्रवचन हॉल में रात 8 बजे से भोपूजी की भजन संध्या का कार्यक्रम रखा है जहां 11 क्विंटल फूलों से होली खेली जाएगी। सिंहपुरी में जमीन से 10 फीट ऊंची होली सजाई जाएगी। पं. यशवंत व्यास, अमर डिब्बावाला ने बताया यहां कंडों की होली जलाकर पर्यावरण की रक्षा का संदेश भी देते हैं। होली के ऊपर प्रहलाद के रूप में लाल ध्वज लगेगा। संतोषी माता मंदिर के पुजारी मनोज गोस्वामी ने बताया प्राचीन समय से यहां होलिका की गोद में प्रहलाद की झांकी सजाकर होली जलाई जाती है। शुक्रवार को शहर में धुलेंडी पर्व मनेगा। सिंहपुरी, कार्तिकचौक, भागसीपुरा मंडली की ढोल के साथ गेर निकलेगी। ज्योतिषाचार्य पं. श्यामनारायण व्यास ने बताया महिलाएं प्रदोषकाल में शाम 7.30 बजे से होलिका पूजन कर सकेंगी।