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पर्यटन विकास| श्रीकृष्ण-सुदामा की तरह आम लोग ले सकेंगे प्राचीन कलाओं का ज्ञान, इन्हें आईटीआई पाठ्यक्रम में शामिल करने का भी प्रस्ताव

Ujjain News - मंगलनाथ रोड स्थित सांदीपनि आश्रम में अब आम नागरिक भी 64 कलाओं और 14 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। इस धर्मस्थल...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 07:45 AM IST
पर्यटन विकास| श्रीकृष्ण-सुदामा की तरह आम लोग ले सकेंगे प्राचीन कलाओं का ज्ञान, इन्हें आईटीआई पाठ्यक्रम में शामिल करने का भी प्रस्ताव
मंगलनाथ रोड स्थित सांदीपनि आश्रम में अब आम नागरिक भी 64 कलाओं और 14 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। इस धर्मस्थल को विकसित करने के लिए मप्र सरकार के नए बजट में 4 करोड़ रु. का प्रावधान किया है। प्राचीन कला और विद्या पर आधारित एक पाठ्यक्रम आईटीआई के लिए तैयार करने का भी प्रस्ताव है।

सांदीपनि आश्रम के पुजारी रूपेश व्यास के अनुसार यहां ऋषि सांदीपनि के आश्रम में रहकर श्रीकृष्ण और सुदामाजी ने शिक्षा प्राप्त की थी। यहां ऋषि ने उन्हें 64 कलाओं और 14 विद्याओं का ज्ञान कराया था। यहां से शिक्षा लेने के बाद ही श्रीकृष्ण द्वारकाधीश के रूप में कुशल शासक बने। विधायक डॉ. मोहन यादव ने मप्र पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रहते इस आश्रम के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को दिए थे। सिंहस्थ 2016 की कार्ययोजना में भी इसे शामिल कराया था। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आश्रम का अवलोकन करने के बाद इसे विश्व स्तर का दर्शनीय और ज्ञानार्जन केंद्र बनाने की घोषणा की थी। यहां 1.75 करोड़ रु. से चित्र वीथिका, परिसर और अन्य विकास कार्य कराए हैं। लोकार्पण बाकी है।

सांदीपनि आश्रम में 64 कला और 14 विद्याओं का विश्व स्तरीय ज्ञानार्जन केंद्र बनाने के लिए चार करोड़ रु. मंजूर

जगन्नाथपुरी के कलाकारों ने उकेरे चित्र

सांदीपनि आश्रम की कलावीथिका में ऋषि सांदीपनि और श्रीकृष्ण-सुदामा के चित्रों के माध्यम से कलाओं व विधाओं का चित्रण किया है। ये चित्र उड़ीसा के जगन्नाथ पुरी के कलाकारों ने बनाए हैं। चित्रों के माध्यम से दर्शनार्थियों, पर्यटकों को 64 कला व 14 विद्याओं की जानकारी दी जाएगी।

अब यह होगा- कुंड विकास व लेजर शो के काम

यहां लाइटिंग, दर्शनार्थी सुविधा, पेयजल, गोमती कुंड का विकास, यात्रियों को जानकारी देने के लिए गाइड, लेजर-शो आदि के काम होना हैं। डॉ. यादव के अनुसार मप्र सरकार के बजट में इसे शामिल कर लेने से अब इस आश्रम को सीएम की घोषणा के अनुरूप विकसित करने में मदद मिलेगी। 64 कलाओं और 14 विद्याओं पर आधारित पाठ्यक्रम भी तैयार किया जाएगा, जिसे आईटीआई में लागू किया जाएगा। इससे प्राचीन ज्ञान नई पीढ़ी को मिल सकेगा।

ये हैं 14 विद्याएं

चार वेद-
ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद।

10 वेदांग- शिक्षा, छंद, व्याकरण, निरुक्त, ज्योतिष, कल्प, धर्मशास्त्र, पुराण, मीमांसा, तर्क।

ये हैं प्रमुख कलाएं

गीत, वाद्य, नृत्य, नाट्य, आलेख, तिलक, चावल व फूलों से सज्जा, अंग व वस्त्र रंगना, पलंग आदि निर्माण, जलतरंग वादन, पानी रोकने की कला, अद्भुत प्रदर्शन, माला निर्माण, वेशभूषा बनाना, बालों को सजाना और फूल गूंथना, आभूषण बनाना, जादूगरी, बहुरूपिया, हाथों की कलाबाजी, विभिन्न साग व पकवान बनाना, रस और पेय पदार्थ बनाना, सिलाई-कढ़ाई, वीणा व डमरू वादन, पहेलियां बुझाना, खटिया, कुर्सी, बोरी आदि बनाना, चरखा चलाना, जुलाहे का काम, वास्तु ज्ञान, सोने-चांदी आदि की पहचान, मणि व हीरों को रंगना, खदानों का ज्ञान, वृक्षों से चिकित्सा, पशु-पक्षियों की लड़ाई, पक्षियों को बोलना व करतब सिखाना, मालिश व उबटन, बाल काटना, अदृश्य अक्षर व मुट्ठी में छिपी वस्तु बताना, विदेशी विद्याओं व भाषाओं का ज्ञान, भविष्यवाणी करना, हीरा काटने की विधि, सूती कपड़े को रेशमी की तरह पेश करना, जुआ खेलना, खिलौने बनाना, शास्त्रों का ज्ञान, शस्त्र कला, भूत-प्रेत सिद्ध करना।

(आश्रम द्वारा प्रकाशित पुस्तक प्रथम गुरुकुल के अनुसार)

मंत्री जैन के दो बड़े प्रस्ताव अटके, विधायक ने स्वीकृत करा लिए काम

उज्जैन उत्तर : ऊर्जा मंत्री पारस जैन

मिला :
नहीं मिला :
बोले : चुनावी साल है। यह मुख्य रूप से किसान हितैषी बजट है। समाज के सभी वर्गों के लिए हितकारी है।

उज्जैन दक्षिण: डॉ. मोहन यादव

यह मिला :
यह नहीं मिला : नानाखेड़ा स्टेडियम विकास आैर नागझिरी थाने के भवन का िनर्माण।

(स्वीकृति मंत्री व विधायक के मुताबिक)

महाकाल क्षेत्र विकास योजना में मिलेगी मदद : राज्य सरकार के बजट में स्मार्ट सिटी मिशन के लिए 700 करोड़ रु. का प्रावधान किया है। उज्जैन स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल है। शहर की तीन बड़ी योजनाओं को लागू करने में मदद मिलेगी। ये स्मार्ट सॉल्यूशन (कमांड एंड कंट्रोल रूम), महाकाल क्षेत्र विकास और अंडर ग्राउंड डक्टिंग हैं।

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