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होली के पहले ही महंगा बिकने लगा गेहूं, पूर्णा टुकड़ी सबसे महंगा

कृषि उपज मंडी में होली पहले की गेहूं की आवक महंगे भाव की चल रही है। इस बार लोकवन छोड़ पूर्णा गेहूं के भाव अधिक चल रहे...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 07:45 AM IST
कृषि उपज मंडी में होली पहले की गेहूं की आवक महंगे भाव की चल रही है। इस बार लोकवन छोड़ पूर्णा गेहूं के भाव अधिक चल रहे हैं। गुजरात में यह टुकड़े के नाम से पहचाना जाता है। शुरुआत में 2155 रुपए लोकवन गेहूं बिका तो 2156 रुपए में पूर्णा टुकड़ी गेहूं बिका। 2 साल से किचन की शान अब टुकड़ी गेहूं बन गया। इसे क्रॉस नकली शरबती और नया नाम पूर्णा कहलाता है।

दो से तीन व्यापारी कमीशन पर गुजरात वालों के लिए टुकड़ी गेहूं खरीद रहे हैं और जो खुद ही पूर्णा की गाड़ी लोड कर रहे, इन्हें भी लाभकारी दाम मिलने लगे हैं। लोकवन गेहूं की डिमांड आगे बढ़ती देख बीज के व्यापारी ही अधिक सक्रिय होकर इसकी ऊंचे भाव पर खरीदी कर रहे हैं। कमीशन पर सार्टेक्स क्लीन कर बीज वालों को सप्लाय करने का काम जोरों पर चल रहा है। अधिकतर को व्यापार नहीं मिलने से गेहूं का नया स्टाॅक हो गया है। 2000 भाव की लालसा में किसान मंडी नीलाम में बेचने लगे हैं। समर्थन दाम की खरीदी के समय कहीं गेहूं खुले बाजार में महंगा नहीं बिक जाए। ऐसे देखकर ही मंडी नीलामी में खुलकर गेहूं खरीदी चल रही है। सोमवार की पहली बड़ी आवक में भाव 25 से 40 रुपए कम हो गए। मंगलवार को भी स्थिर भाव 2067 के लोकवन गेहूं के रहे। दक्षिण राज्य में इसकी मांग को ध्यान में रखकर ही इसके भी ऊंचे भाव की खरीदी की जा रही है। मालव शक्ति पोषक गेहूं की आवक शुरू हो गई। सूजी वाले इसे ऊंचे भाव 2002 तक खरीद रहे हैं। किसानों की मानें तो पानी की कमी के चलते गेहूं की बिजाई कम की गई है। कम पानी या एक पानी की उपज डाॅलर चना और लाल चना की बिजाई अधिक की गई है। मंडी में मिल क्वालिटी गेहूं 1650 रुपए में गीला और 1700 रुपए में नया पुराना डंकी गेहूं बिक रहा है। आटा मिलों को गेहूं की जरूरत होने से इसे खरीदा जा रहा है। सार्टेक्स क्लीन मशीनों की तादाद बढ़ गई, लेकिन जाॅब वर्क कम ही मिलता है। सरकार के 2000 रुपए के भाव इस बार खुले बाजार में महंगाई का डंका ही बजाएंगे।