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दिगंबर जैन समाज के पर्युषण पर्व 14 से

शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर बोर्डिंग में विदक्षाश्री माताजी के सानिध्य में 14 सितंबर से पर्युषण पर्व मनेगा। 10 दिनों...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:41 AM IST
शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर बोर्डिंग में विदक्षाश्री माताजी के सानिध्य में 14 सितंबर से पर्युषण पर्व मनेगा। 10 दिनों तक विधि विधान से पूजा एवं दोपहर में तत्व चर्चा, शाम को आरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। श्री महावीर तपोभूमि में मीना दीदी, साधना दीदी इंदौर के सानिध्य में श्रावक संस्कार शिविर का आयोजन होगा। सभी शिविरार्थी 10 दिन तक तपोभूमि में रहेंगे।

समाज सचिव सचिन कासलीवाल के अनुसार दशलक्षण व्रत भाद्रपद शुक्ल पंचमी शुक्रवार 14 सितंबर से शुरू होकर भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी 23 सितंबर तक चलेगा। बुधवार को सभी घरों में रोट तीज पूजी जाएगी। इसके बाद दिगंबर जैन समाज में पर्युषण शुरू होंगे। 14 सितंबर को पंचमी उत्तम क्षमा, 15 को षष्ठी उत्तम मार्दव, 16 को सप्तमी उत्तम आर्जव, 17 को अष्टमी उत्तम शौच, 18 को नवमी उत्तम सत्य, 19 को दशमी उत्तम संयम (सुगंध दशमी), 20 को ग्यारस उत्तम तप, 21 को बारस उत्तम त्याग, 22 को तेरस उत्तम अकिंचन, 23 को चतुर्दशी उत्तम ब्रह्मचर्य, अनन्त चतुर्दशी, दशलक्षण व्रत पूर्ण, अनंत व्रत पूर्ण, वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक, 24 को पूर्णिमा, व्रतियों का अभिनंदन, पारणा एवं क्षमा वाणी पर्व प्रारंभ होगा। कुछ मंदिरों में पूर्णिमा से व एकम से यह पर्व शुरू होगा।

सजने लगे जैन मंदिर

पर्युषण में दस लक्षण पर्व के रुप में मण्डलजी का सुंदर मांडना होंगे। मंदिरों में विशेष साज-सज्जा के साथ सभी मंदिरों की सफाई इत्यादि व पूजन सामग्री की व्यवस्थाएं होती है। मंदिरों में श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा, पूजा, आराधना, 10 लक्षण धर्म की पूजा होंगी। शाम को श्रीजी की भक्ति व आरती के साथ मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। समाज के कुछ लोग एक से दस दिनी तक उपवास से तो कुछ लोग संयम, तप, त्याग के साथ वर्जित भोज्य पदार्थाे का त्याग करते हैं, रात के भोजन का त्याग करते हैं।