• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Ujjain
  • देवास-उज्जैन फोरलेन: पीएस ने किसानों की कम, सरकारी जमीन ज्यादा लेने के निर्देश दिए, अब निनौरा में ब्रिज बनने पर नहीं टूटेंगे लोगों के मकान
--Advertisement--

देवास-उज्जैन फोरलेन: पीएस ने किसानों की कम, सरकारी जमीन ज्यादा लेने के निर्देश दिए, अब निनौरा में ब्रिज बनने पर नहीं टूटेंगे लोगों के मकान

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 05:10 AM IST




भास्कर संवाददाता | उज्जैन

देवास-बदनावर-अमर होली फोरलेन मार्ग के उज्जैन बेल्ट में फिर से फेरबदल होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी तो भू-अधिग्रहण की तैयारी कर चुके थे, इसी बीच प्रमुख सचिव ने इन्हें निर्देश दिए हैं कि वे प्रोजेक्ट में किसानों की कम व सरकारी जमीन ज्यादा उपयोग में लें और पुराने मार्ग के जोड़ का उपयोग भी फोरलेन में करें। ऐसे में अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब निनौरा में बनाए जाने वाले ब्रिज से जो घर टूटने वाले थे या किसानों की जमीन अधिगृहीत की जाने वाली थी, वह बच जाएगी। ब्रिज से उतरने वाले हिस्से को सरकारी व खाली जमीन की तरफ टर्न देंगे। हालांकि इन तमाम परिस्थितियों के बीच अफसरों को उज्जैन में प्रोजेक्ट में देरी होने का मलाल भी है।

देवास से उज्जैन होते हुए अमर होली तक यह फोरलेन 139 किमी लंबा व 22 मीटर चौड़ा बनना है। उज्जैन जनपद के इस फोरलेन में 20 गांव प्रभावित हो रहे हैं। 24 मार्च को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने उक्त गांवों के रहवासियों को प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में उनकी आपत्तियों को भी सुना था। तब भी ग्रामीणों की मुख्य रूप से एक ही मांग थी कि फोरलेन में उनकी कम से कम जगह ली जाए। जनप्रतिनिधियों ने इस फोरलेन को इंदौर-उज्जैन व प्रस्तावित आगर-झालावाड़ फोरलेन से टच होते हुआ बनाने की बात रखी थी। साथ ही सिंहस्थ में बनाए गए बायपास मार्गों को भी इससे जोड़ने के लिए कहा था। हाल ही में प्राधिकरण के अधिकारियों ने भू-अर्जन के लिए अधिसूचना जारी की ही थी कि इसी बीच पीएस ने इन अधिकारियों को इसमें फेरबदल व किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए शिथिलता बरतने के निर्देश दे दिए। माना जा रहा है कि उज्जैन बेल्ट में प्रभावित हो रहे किसानों की मांग पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ये प्रस्ताव पीएस तक पहुंचाया था।

ऐसे में जिले में जल्द शुरू होने वाला फोरलेन का काम आगे बढ़ गया लेकिन फायदा यह हुआ कि अब कम किसानों की भूमि अधिगृहीत की जाएगी। हालांकि अधिकारी इनकी संख्या बताने की स्थिति में नहीं हैं। यह जरूर कह रहे हैं कि उज्जैन में काम शुरू होने के बाद पूरा होने में ढाई वर्ष लगेंगे।

उज्जैन जनपद के 20 गांव प्रभावित होंगे

यह होगा फायदा... देवास से बड़नगर जाने वालों को उज्जैन शहर में नहीं आना होगा


फिर फेरबदल कर रहे हैं

इन गांवों की जमीन होगी अधिगृहीत

निनौरा, चंदेसरी, पिपल्याराघो, मतानाकला, दताना, सेमल्यानसर, नरवर, पालखेड़ी, नवाखेड़ा, जमालपुरा, कचनारिया, गंगेड़ी, चांदमुख, चिंतामण जवासिया, मंगरोला, र|ाखेड़ी, चंदूखेड़ी, नलवा, पालखंदा व कोकलाखेड़ी आदि।

भू-अर्जन के बाद टेंडर में दो माह लगेंगे