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महाकाल मंदिर टनल मार्ग में अब दर्शनार्थियों की दो कतार लगेगी

महाकालेश्वर मंदिर में प्रवेश के टनल मार्ग में अब श्रद्धालुओं की दो कतार लगेंगी। यात्रियों को दो कतारों में चलाने...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 06:45 AM IST
महाकालेश्वर मंदिर में प्रवेश के टनल मार्ग में अब श्रद्धालुओं की दो कतार लगेंगी। यात्रियों को दो कतारों में चलाने से उन्हें सुविधा होगी। वे गरमी से बच सकेंगे।

मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक अभिषेक दुबे ने गुरुवार दोपहर मंदिर परिसर का अवलोकन करने के दौरान यह निर्देश सहायक प्रशासनिक अधिकारी एसपी दीक्षित व अन्य अधिकारियों को दिए। टनल मार्ग का अवलोकन करते हुए उन्होंने बंद पंखों को चालू कराने के लिए कहा। यात्रियों के लिए पेयजल निर्बाध रखने के निर्देश दिए। दुबे ने नेवैद्य कक्ष से कार्तिक मंडपम् तक श्रद्धालुओं के लिए छाया का प्रबंध करने को कहा। गरमी के कारण यहां यात्रियों को परेशानी आती है। इसी तरह शंख द्वार क्षेत्र में छाया का प्रबंध किया जाएगा।

सूचना के लिए साइनेज लगाएंगे

यात्रियों को रास्तों व परिसर में सूचना के लिए साइनेज भी लगाए जाएंगे। पेयजल, सुविधाघर, काउंटर और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में यात्रियों को सूचना देने वाले साइनेज लगने से यात्रियों को भटकना नहीं पड़ेगा। दुबे ने बताया मंदिर परिसर में यात्रियों के लिए की गई सुविधाओं को लेकर अवलोकन किया था। कहीं पंखे बंद हैं तो उन्हें ठीक कराने, कहीं पानी की व्यवस्था तो कहीं छाया का प्रबंध करने के लिए कहा है। गरमी में यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं आए, इसके लिए अधीनस्थ अधिकारियों को व्यवस्थाएं ठीक रखने के निर्देश दिए हैं।

कर्मचारियों के काम बदले

महाकालेश्वर मंदिर में कार्य सुविधा के लिए कर्मचारियों के कार्य में परिवर्तन किया है। उमेश पंड्या को रात्रिकालीन भस्मारती एवं कमल जोशी को गर्भगृह निरीक्षक के लिए सुबह 9 से शाम 5 बजे तक तैनात किया गया है। सोनिया चौहान गौशाला प्रभारी के निर्देशानुसार कार्य करेंगी। प्रशासक अभिषेक दुबे के अनुसार कर्मचारियों के कामकाज में परिवर्तन से सुविधा होगी।

सदस्य ने यज्ञशाला का अवलोकन किया

मंदिर समिति सदस्य पुजारी प्रदीप गुरु ने जूना महाकाल परिसर स्थित निर्माणाधीन यज्ञशाला का अवलोकन किया। उनके साथ प्रशासक अभिषेक दुबे भी थे। यज्ञशाला का निर्माण पुजारी प्रदीप गुरु की प्रेरणा से दानदाता के माध्यम से याज्ञिक विद्वान पं. महादेव अग्निहोत्री, पं. जगदीश पाठक व पं. निर्मल जोशी एवं यज्ञकुंड के विशेष कारीगर प्रेम मिस्त्री की देखरेख में किया जा रहा है। प्रदीप गुरु ने बताया अधिक मास में यज्ञशाला का शुभारंभ किया जाएगा। मंदिर के सहायक प्रशासनिक अधिकारी दिलीप गरूड़ ने बताया प्रशासक ने यूडीए को यज्ञशाला का निर्माण जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए हैं।