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हादसे में बहू की मौत से दु:खी सास-ससुर ने आठ माह बाद जहर खाकर जान दी

भास्कर संवाददाता | उज्जैन/बड़नगर बड़नगर के वृद्ध दंपती ने खुदकुशी कर ली। हादसे में बहू की मौत के बाद से दोनों...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 06:50 AM IST

भास्कर संवाददाता | उज्जैन/बड़नगर

बड़नगर के वृद्ध दंपती ने खुदकुशी कर ली। हादसे में बहू की मौत के बाद से दोनों दु:खी थे। बेटे से अक्सर यही कहते थे कि हमें कौन संभालेगा। इसी गम में बुधवार रात एक साथ जहर खा लिया।

बड़नगर के रेडिमेड कपड़ा कारोबारी रमेशचंद्र सोलंकी (70 वर्ष) और प|ी रमाकांता बाई (68 साल) बुधवार रात को अचानक उल्टी करने लगे। तब पुत्र विनोद को पता चला िक दोनों ने गेहूं में रखी जहर की सात-आठ गोलियां खा ली। वह माता-पिता को रात 12.30 बजे उज्जैन जिला अस्पताल लेकर आया। यहां उपचार के दौरान देर रात दोनों की मौत हो गई। गुरुवार सुबह जिला अस्पताल पोस्टमार्टम हुआ।

बस की ट‌क्कर लगने से 13 महीने कोमा में रही थी बहू

जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान पुत्र विनोद ने बताया प|ी सुनीता 28 अगस्त 2016 को बाइक से मेरे साथ उज्जैन से बड़नगर लौट रही थी। इंगोरिया मार्ग पर बस की टक्कर से सुनीता गंभीर घायल हो गई थी। उसे सिर में चोट लगी थी, जिससे वह कोमा में चली गई। इलाज के लिए केरल भी ले गए। 13 महीने तक इलाज करवाया। सितंबर 2017 में उसकी मौत हो गई। मेरे माता-पिता सुनीता को बेटी की तरह प्यार करते थे। उसकी मौत से उन्हें गहरा सदमा लगा। अक्सर यही बात करते कि विनोद तेरे दोनों बच्चाें का क्या होगा और हमें इस बुढ़ापे में कौन संभालेगा। इसी सदमे में दोनों ने शायद इतना बड़ा कदम उठा लिया।

टेलरिंग से शुरुआत, प्रतिष्ठित व्यापारी के रूप में थी पहचान

रमेशचंद्र सोलंकी बड़नगर में प्रतिष्ठित व्यापारी के रूप में पहचाने जाते थे। उन्होंने टेलरिंग से काम की शुरुआत की थी। प|ी रमाकांता ने भी साथ दिया। दोनों मेहनत कर टेलरिंग की दुकान से ही रेडिमेड कपड़े के कारोबार तक पहुंचे थे। वर्तमान में पिता के साथ पुत्र विनोद कपड़े की दुकान संभाल रहा था।

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