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बचपन में बनाई बालू रेत और खिलौनों की झांकी फिर बनाओ, बच्चों को सिखाओ और इनाम पाओ

बीस साल पहले तक गणेशोत्सव के दौरान घरों-चौबारों में श्रीगणेश प्रतिमा स्थापना के साथ झांकियां भी बनाई जाती थी।...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 05:41 AM IST
बीस साल पहले तक गणेशोत्सव के दौरान घरों-चौबारों में श्रीगणेश प्रतिमा स्थापना के साथ झांकियां भी बनाई जाती थी। बच्चे बालू रेत और खिलौनों से पहाड़, रास्ते, पेड़ और अपनी कल्पना से विभिन्न आकृतियां बनाते थे। थाली में तेल की बत्ती वाला स्टीमर चलाया जाता था। रंग-बिरंगी झालर लगाते थे। धीरे-धीरे बच्चों की जिंदगी से यह खेल खत्म हो गया। बच्चों में फिर से गणेशोत्सव और झांकियों की ललक जगाने के लिए सामाजिक न्याय परिसर में स्थापित होने वाले उज्जैन के युवराज गणेश के पंडाल में झांकी बनाने की अनूठी प्रतियोगिता होगी।

आयोजकों की ओर से मंगलवार को मीडिया को इस आयोजन की जानकारी दी गई। आयोजकों ने कहा कि हम किसी का नाम नहीं देना चाहते। यह सामूहिक आयोजन है। किसी भी तरह का व्यक्तिगत प्रचार आयोजन समिति नहीं चाहती। श्री महाकाल-चिंतामन गणेशोत्सव समिति के बैनर पर यह आयोजन होगा। आयोजन से जुड़े सभी युवाओं की परिकल्पना से यह आयोजन हो रहा है। उनकी इच्छा बचपन में गणेशोत्सव के आनंद को ताजा करना है और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। इसलिए आयोजन को महिला, पुरुष, युवक, युवतियों, विद्यार्थियों, कलाकारों से जोड़ा गया है। सभी की किसी न किसी तरह से इसमें भागीदारी होगी। उनके लिए यहां हर तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसे एक छोटे मेले का रूप दिया जा रहा है। जहां मनोरंजन, खानपान के साथ पार्किंग, जूता स्टैंड, सुविधाघर आदि की सुविधा भी होगी। निजी सुरक्षा व्यवस्था भी की जाएगी। सीसीटीवी कैमरे भी निगरानी करेंगे। दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर भी मिलेगी।

सामाजिक न्याय परिसर में गणेश उत्सव के लिए विशाल पंडाल तैयार हो रहा है।

दस दिन बनेंगी झांकियां, पुरस्कार भी देंगे

आयोजकों ने कहा कि इसका सबसे महत्वपूर्ण पार्ट झांकी बनाना है। पंडाल में एक हिस्सा इसके लिए आरक्षित रहेगा। कोई भी व्यक्ति अपने बच्चों के साथ तय समय में आकर यहां बालू रेत, खिलौनों से अपनी झांकी बना सकेगा। झांकी पर उनका नाम रहेगा। बच्चों द्वारा बनाई गई झांकियों में से चयनित झांकियों को समापन पर पुरस्कृत किया जाएगा। चयन समिति का गठन भी होगा। इस स्पर्धा से घरों में विराजमान होने वाले श्रीगणेश के साथ बच्चों का जुड़ाव होगा।

मॉडल से विद्यार्थी देंगे संदेश

स्कूली बच्चों की सामाजिक, पर्यावरण और अन्य विषयों पर मॉडल बनाने की स्पर्धा भी होगी। विभिन्न स्कूलों के बच्चे अपने मॉडल बना कर लाएंगे। उन्हें पंडाल में प्रदर्शित किया जाएगा। इन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा।