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बगीचों के लिए 10 करोड़ फिर भी बदहाल, बच्चों ने मिट्टी डाल खेलने लायक बनाया
नगर निगम के पास बगीचों के लिए 10 करोड़ रुपए की राशि है। इससे निगम उनमें विकास के अलावा हरियाली और सौंदर्यीकरण करवाता है लेकिन शहर के कई बगीचे ऐसे हैं जहां इस राशि से काम करवाए जा सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। जिससे उनकी हरियाली छीन रही है। उनमें खेल उपरकरण का टोटा हो गया है। भास्कर ने शहर के चार कोनों में स्थित बगीचों का दौरा किया जो पता चला कि इनमें विकास के साथ ऐसी व्यवस्थाओं की दरकार है जो यहां के रहवासियों के लिए जरूरी हैं।
बजट में फिर बढ़ाए 3 करोड़
शहर के बगीचाें, रोटरी और डिवाइडरों के सौंदर्यीकरण पर इस बार निगम का फोकस रहेगा। उद्यान विभाग की ओर से इसमें तीन करोड़ की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। पूर्व में उद्यान विभाग का बजट 10 करोड़ रुपए था जिसेे बढ़ाकर 13 करोड़ कर दिया है। इसी तरह निगम नर्सरी के लिए पौधे, गमले, मिट्टी, खाद और कीटनाशक के लिए 30 रुपए के बजट को बढ़ाकर 50 लाख रुपए किया है।
इंदिरानगर : बगीचे में वॉकिंग ट्रैक के पैवर धंसे
वार्ड 5 के तहत इंदिरानगर में बनाए बगीचे के वॉकिंग ट्रैक के पैवर बीच में से धंसे गए हैं। जिससे मार्निंग वॉक करने वालों को बचते-बचाते हुए निकलना पड़ता है। इसके अलावा बगीचे में अधिकांश स्थान से हरी घास गायब होकर मिट्टी दिखाई देने लगी है। जिससे बच्चों को खेलने में परेशानी आ रही है। बगीचा उबड़खाबड़ होने से चोट भी लग रही है साथ ही बुजुर्ग भी घूमने में असहज महसूस कर रहे हैं।
सांदीपनि नगर : छोटे से बगीचे में गाजर घास उगी
वार्ड 17 के तहत सांदीपनिनगर में टंकी के नीचे छोटा सा बगीचा है। इसका कितना रखरखाव किया जा रहा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बगीचे में घास के साथ गाजर घास भी उग आई है। जिससे बच्चों को खेलने के लिए जगह नहीं मिल रही है। बगीचे में एक ही झूला है उसका भी ठीक तरीके से रखरखाव नहीं िकया जा रहा है।
ऋषिनगर : बगीचे में बच्चों का श्रमदान
वार्ड 50 के तहत ऋषिनगर के भारत माता उद्यान में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। आसपास के बच्चों ने श्रमदान कर उनमें मिट्टी डाली ताकि गड़्ढों को भरा जा सके। इसके बाद वे बगीचे का उपयोग खेलने के लिए कर पाए। बगीचे में निर्माण कार्य प्रस्तावित है लेकिन केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया है। ऐसे में न तो उसका उपयोग रहवासी सुबह-शाम घूमने के लिए कर पा रहे हैं न ही बच्चे।